
Mayawati
लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को बैठक में कई बड़े फैसले लिए। वहीं बयान जारी कर उन्होंने सपा, भाजपा व कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। बसपा मुखिया के सख्त लहजे से साफ पता चल रहा है कि वह बेहद हताश और निराश है और 2022 चुनाव की तैयारियों में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। वहीं उनको एक ऑफर भी मिला है। यह ऑफर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें दिया है। चंद्रशेखर ने बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। एक पत्र लिखकर उन्होंने इस दोस्ती को समय की जरूरत बताया है। वहीं भाजपा की बढ़ती ताकत पर उन्होंने चिंता जताई है।
पूरे देश में बहुजन के शासन का सपना हुआ कमजोर-
चंद्रशेखर ने पत्र में लिखा कि भाजपा ने 2014 व 2019 में बहुमत की सरकार बनाई, जिसके बाद से भाजपा की ताकत बढ़ी है। बहुजन आंदोलन के सबसे मजबूत गढ़ उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने वापसी कीहै, लेकिन कांशीराम ने जिस बहुजन शासन का सपना देखा था वह एक बार फिर कमजोर पड़ गया है। पूरे देश में बहुजन के शासन का सपना कमजोर हुआ है। ऐसे में जरुरी है कि बहुजन आंदोलन अपने अंदर झांके और निरीक्षण करें कि कहीं खुद में ही तो कोई कमी नहीं आ गई है। कहीं सही जवाबी रणनीति बनाने में हमसे कोई चूक तो नहीं हुई है।
उम्मीद है आप समय निकालेंगी-
पत्र में चंद्रशेखर ने उम्मीद जताई है व बसपा सुप्रीमो से अपील की है कि कांशीराम की कोर टीम का हिस्सा होने की वजह से उनका अनुभव महत्वपूर्ण है। उम्मीद है मायावती इसके लिए समय निकालेंगी। उन्होंने लिखा कि आज बहुजन मूवमेंट कमजोर हो रहा है। वक्त आ गया है कि हमें अपने मतभेद भुलाकर एक साथ बैठना होगा और मंथन करना होगा कि इसे कैसे मजबूती प्रदान की जाए। उन्होंने पत्र में लिखा है कि इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बहुजन एकता है और बहुजन राजनीति को धार देकर ही इस काम को किया जा सकता है।
लोग उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हमारी तरफ-
चंद्रशेखर ने कहा कि बहुजन समाज के लिए यह वक्त बहुत कठिन है। भाजपा शासन में बहुजन समाज पर बहुत अत्याचार हो रहा है और उसके अधिकार छीने गए हैं। भाजपा से मुकाबला करने के लिए देश में जिन शक्तियों और विचारों की ओर लोग उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे है उसमें बहुजन विचारधारा प्रमुख है
Published on:
06 Nov 2019 08:29 pm
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