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नागरिकता संशोधन कानून विरोध: मायावती ने कहा देश में इमरजैंसी जैसे हालात, 31 जनवरी तक धारा 144 लागू

- नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में बन रहे हालात को बसपा सुप्रीमो मायावती ने इमरजैंसी जैसे हालात बताया - लखनऊ में हुए हिंसा के दौरान पुलिस ने 200 लोग हिरासत में - सीएम योगी ने कहा जो भी हिंसा का दोषी होगा उसकी संपत्तियां होंगी सीज

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नागरिकता संशोधन कानून विरोध: मायावती ने कहा देश में इमरजैंसी जैसे हालात, 31 जनवरी तक धारा 144 लागू

नागरिकता संशोधन कानून विरोध: मायावती ने कहा देश में इमरजैंसी जैसे हालात, 31 जनवरी तक धारा 144 लागू

लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ देशभर में बिगड़ते हालातों को देखते हुए 31 जनवरी तक धारा 144 लागू कर दी गई है। मामले में सीएम योगी ने सख्ती दिखाकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। वहीं नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बन रहे माहौल को बसपा सुप्रीमो मायावती ने इमरजैंसी जैसे हालात बताया है। मायावती ने कहा कि नागरिकता देने को लेकर जो कानून बनाया गया है, वह असंवैधानिक है। पूरे देश में बवाल हुआ है। शुरू से ही पार्टी इसका विरोध कर रही है लेकिन हमारे विरोध का तरीका अलग है। हम दूसरों की तरह हिंसा और सार्वजनिक संपत्तियों को तबाह करने में यकीन नहीं रखते। मायावती ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि इस समय व्याप्त इमरजेंसी जैसे हालात में सड़क पर न उतरें।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरा देश गुस्से का आग में उबल रहा है। यूपी में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुआ। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। गुरुवार को लखनऊ में ही हजरतगंज, परिवर्तन चौक, ठाकुरगंज, वजीरगंज एवं हसनगंज में जमकर बवाल हुआ। इस दौरान विभिन्न सरकारी और निजी संपत्तियों पर आगजनी व तोड़फोड़ की गई। उपद्रव के दौरन करीब एक दर्जन वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। इस दौरान इस दौरान फायरिंग में एक ही मौत हो गई व 16 पुलिसकर्मी घायल हुए। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लखनऊ समेत यूपी के अन्य जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई।

उपद्रवी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई: सीएम योगी

प्रदर्शनकारियों द्वारा फैलाए गए विरोध पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि उपद्रवी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी हिंसा का दोषी होगा उसकी संपत्तियां सीज की जाएंगी। इससे हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।

लखनऊ में गुरुवार को बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बाद यहां मोबाइल एसएमएस पर भी पाबंदी लगा दी गई। प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि लखनऊ में इंटरनेट और एसएमएस सुविधा शनिवार दोपहर 12 बजे तक के लिए निलंबित रहेगी। इसके अलावा पीलीभीत, प्रयागराज, कानपुर और गाजियाबाद में भी इंटरनेट सेवा सस्पेंड कर दी गई।

103 स्थानों पर धरना प्रदर्शन

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी में अलग-अलग जगह हुए हिंसात्मक प्रदर्शन में सार्वजनिक संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। पूरे प्रदेश में 103 स्थानों पर धरना हुआ। लखनऊ में हुए हिंसा के दौरान पुलिस ने 200 लोगों को हिरासत में लिया। माहौल बिगाड़ने के आरोप में प्रदेशभर में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।

एक की मौत

लखनऊ के मदेयगंज में उपद्रवियों ने हवाई फायरिंग की और पेट्रोल बम फेंके। वहीं, हुसैनाबाद में हुई फायरिंग में सज्जादबाग निवासी ऑटो चालक मोहम्मद वकील (33) की मौत हो गई, जबकि वसीम और जिलानी घायल हो गए।

किसी को नहीं बख्शा जाएगा

यूपी डीजीपी ओपी सिंह (UP DGP OP Singh) का कहना है कि पुलिस फायरिंग में किसी की मौत नहीं हुई। उन्होंने कहा मुझे नहीं लगता कि इस मामले का इस आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से कोई लेना-देना है। उन्होंने कहा सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, किसी को नहीं बख्शा जाएगा।

31 जनवरी तक धारा 144 लागू

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में गुरुवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई। प्रयागराज में 19 दिसंबर देर शाम से लेकर 20 दिसंबर सुबह 10 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवाएं स्थगित की गईं। इसके साथ ही लखनऊ, मऊ, वाराणसी, संभल सहित 12 जिलों में भी इंटरनेट बंद कर दिया। इसके साथ ही प्रशासन ने पूरे प्रदेश में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू की है।

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