
मेडिकल टूरिज्म से स्वास्थ्य सेवा होगी बेहतर और बढ़ेगी आमदनी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल्द ही मेडिकल टूरिज्म का हब बनने जा रहा है। राज्य सरकार मेडिकल टूरिज्म पालिसी बना रही है। इसमें टूरिज्म और चिकित्सा शिक्षा विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। यह पालिसी बनने के बाद विदेशी विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम अपने देश में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराएगी। मरीजों को विदेश ले जाने की जहमत से अब तीमारदार को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा बेहतर इलाज के लिए उठाएं कदम
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही कदम उठाने जा रही है। मेडिकल टूरिज्म इसी पहल का एक हिस्सा है। मेडिकल टूरिज्म पालिसी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेहरत चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। लोगो को विदेश जा कर इलाज कराने में जो अनाब-शनाब खर्च झेलना पड़ता है उससे बचाना होगा। उत्तर प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की सुविधा हो जाने से यहां के चिकित्सा क्षेत्र की आय में वृद्धि होगी। यूपी में लखनऊ, कानपुर, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर आगरा, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।
विकसित देशों में बढ़ रही है मेडिकल टूरिज्म
सम्बन्धित क्षेत्र के विशेषज्ञों की मानें तो वे मानते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग एक वैश्विक घटना है। यह पूरी घटना आर्थिक विकास से जुड़ी हुई है और उससे आय भी बढ़ती है और चिकित्सकों को और अधिक जानकारी मिलती है। जनसांख्यिकीय परिवर्तन, विशेष रूप से जनसंख्या वृद्धावस्था और अधिक चिकित्सा सेवाओं के लिए वृद्ध लोगों की आवश्यकताओं को इस पालिसी के जरिए पूरा किया जा सकता है। इसके जरिए हम महामारी से भी आसानी से लड़ सकते हैं। घर पर स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत इसके जरिए कम की जा सकती है। यूं कहें कि विकासशील देशों में सस्ता विकल्प की उपलब्ध हो जाएगा।
पर्यटन स्थलों में शिक्षा को बेहतर करने का तरीका
एक सर्वे के अनुसार दक्षिणपूर्व एशिया स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से कदम बढ़ा रहा है। थाईलैंड, सिंगापुर, मलेसिया इसका ताजा उदाहरण हैं। यही कारण है कि जो इलाज पहले अमेरिका में संभव होते थे, वे सारी सुविधाओं वाले अस्पताल और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सक वहां उपलब्ध हैं। चिकित्सा पर्यटन एक आकर्षक व्यापार अवसर के रूप में भी उभर रहा है। यहां पर्यटक देश पर्यटन स्थलों के साथ प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
इनका मिलेगा बेहतर इलाज
थाईलैंड ने कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए एक जगह स्थापित की है। इससे उसकी आय में 1.2 मिलयन डालर से ज्यादा की आय हुई है। जबकि सिंगापुर कार्डियोवैस्कुलर, न्यूरोलॉजिकल सर्जरी और स्टेम सेल थेरेपी जैसे उन्नत उपचार के लिए प्रसद्धि पा रहा है। अकेले सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड मलाखों चिकित्सा यात्रियों ने उपचार कराया और इन देशों की आय भी बढ़ाई। अब ऐसी ही योजना उत्तर प्रदेश में लागू करने की है। इसीलिए सरकार टूरिज्म मेडिकल पालिसी ला रही है।
Published on:
20 Aug 2018 09:28 pm
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