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मिशन 2019-अखिलेश और मायावती ने जीत का बनाया बड़ा प्लान, भाजपा में मचा हड़कंप

जातिय समीकरण में सपा-बसपा गठबंधन है सूबे में सबसे मजबूत।  

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Mission 2019: Maya-Akhilesh

मिशन 2019-अखिलेश और मायावती ने जीत का बनाया बड़ा प्लान, भाजपा में मचा हड़कंप

लखनऊ. 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर सपा-बसपा गठबंधन मजबूत है। यह गठबंधन जातिय गणित के आधार पर देखा जाए तो भाजपा और कांग्रेस पर बहुत भारी पड़ेगा। यूपी में चुनाव विकास के नाम से लड़ा तो जा सकता है लेकिन जीता नहीं जा सकता है। इसका कारण है यहां का जातिय समीकरण। पार्टियां विकास की बातें चाहे कितनी भी कर लें लेकिन यहां अगर उन्हें जीतना है तो वे जातिय समीकरण से ही जीत सकती हैं।
२०१९ का लोकसभा चुनाव इस बार काफी कांटे का होगा। एक ओर जहां भाजपा अपना प्रदर्शन 2014 की तरह दोहराने का प्रयास करेगी तो वहीं सपा-बसपा गठबंधन भाजपा को हराने के लिए अभी से कमर कस चुका है। यूपी की जातिय समीकरण को देखा जाए तो यह गठबंधन सब पर भारी पड़ेगा।
यूपी में 25 प्रतिशत दलित, 35 प्रतिशत पिछड़ी और 15 प्रतिशत अगड़ी, 5 प्रतिशत जाट हैं। अब इन जातियों में से जिस पार्टी ने इनको साध लिया या यह कहें जिधर गई उनकी जीत पक्की समझो।

यहां सबसे बड़ी बात यह है कि सपा के साथ ओबीसी वोट तो वहीं बसपा के साथ दलित वोट हैं। इस बार सपा-बसपा के गठबंधन होने से ये इन दोनों जातियों का वोट गठबंधन को जाने की उम्मीद है। यहां यह स्पटष्ट कर देना जरूरी है कि यूपी में अखिलेश यादव पिछड़ी जाति के सबसे बड़े चेहरे हैं, उनके मुकाबले यूपी में अभी कोई इस जाति में कोई चेहरा नहीं है। वहीं दलित वर्ग में मायावती से बड़ा यूपी में कोई चेहरा नहीं है। अब ये दोनों मिलकर लोकसभा का चुनाव लडऩे का एलान कर चुके हैं तो भाजपा की परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं। 2014 सपा और बसपा ने अलग अगल चुनाव लड़ था वहीं यूपी में सपा की सरकार थी जिसका भाजपा ने फायदा भी उठाया। अब जबकि मायावती और अखिेश एक साथ हैं तो ऐसे में भाजपा के लिए 2019 आसान नहीं हो।

जीत में इनके वोट की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
यूपी में 80 सीटें हैं। 2014 में मोदी का जादू ऐसा चला की सारी पार्टियां पस्त हो गईं। मोदी का जादू ही था कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 80 सीटों में से 73 सीटें मिली थीं। सपा को पांच और कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं और बसपा को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी। भाजपा को दलित, पिछड़ी, अगड़ी जातियों के वोट तो मिले ही थी साथ ही मुस्लिमों का भी वोट भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण रहा।

अब भाजपा है सत्ता में
इस बार भाजपा सत्ता में है और सपा-बसपा और कांग्रेस सहित कई अन्य पार्टियां उसके विरोध में हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यूपी में जातिय समीकरण का तानाबाना काफी महत्वपूर्ण है। जिसने जाति का जुगाड़ बैठा लिया उसकी जीत तय है। ऐसे में सपा और बसपा का गठबंध अभी भाजपा पर भारी दिख रहा है।