पूर्व आईएएस अधिकारी देवेंद्र नाथ दूबे की पत्नी मोहिनी दुबे की हत्या के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने घर के नौकरों और किरायेदारों से कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। शक के घेरे में पहली पत्नी से हुए दोनों बेटे, प्रांजल और प्रतीक, भी शामिल हैं।
UP Crime Mohini Dubey Murder Case: पूर्व आईएएस अधिकारी देवेंद्र नाथ दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे की हत्या के मामले में नई जानकारी सामने आई है। एसीपी विकास जायसवाल ने बताया कि देवेंद्र नाथ दुबे पीसीएस से प्रमोट होकर आईएएस अधिकारी बने थे और उन्होंने रायबरेली के जिलाधिकारी और प्रयागराज के मंडलायुक्त के पद पर कार्य किया था। 2009 में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए। उनकी पहली पत्नी की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी और उन्होंने 2007 में मोहिनी दुबे से दूसरी शादी की थी। उनकी पहली पत्नी से दो बेटे हैं, प्रांजल और प्रतीक।
पूर्व आईएएस अधिकारी देवेन्द्र दूबे के घर पर अखिलेश नामक युवक करीब 13 साल से ड्राइवर है, जो कि अक्सर देवेंद्र नाथ दुबे को गोल्फ खिलाने के लिए गोल्फ क्लब ले जाता है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र नाथ दुबे के घर में खाना बनाने वाली नौकरानी छुट्टी पर थी। देवेन्द्र नाथ दुबे ने अखिलेश को खाना बनाने के लिए घर बुलाया था, लेकिन उसने शनिवार को छुट्टी ले ली थी। अखिलेश ने अपनी जगह छोटे भाई रवि को भेज दिया था। इसके अलावा उनके घर पर चार अन्य नौकर भी काम करते है।
पुलिस की जांच में यह भी प्रकाश में आया हैं कि पूर्व आईएएस अधिकारी देवेंद्र नाथ दुबे के घर पर किराएदार भी रहते थे। तीन-चार दिन पूर्व किराएदार को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया था। हालांकि, पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही हैं।
एसीपी गाजीपुर विकास जायसवाल ने बताया कि पूर्व आईएएस देवेंद्र नाथ दुबे अपनी पत्नी मोहिनी के साथ घर के प्रथम तल पर रहते थे। मोहिनी का शव भी घर के प्रथम तल पर स्थित किचन के पास स्टोर रूम व चेंजिंग रूम के पास पड़ा था। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वारदात के वक्त उनके घर में कौन-कौन था। एसीपी ने बताया कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि पूर्व आईएएस के घर पर दो सीसीटीवी कैमरे लगे थे। घटना को अंजाम देने के बाद हत्या आरोपी सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी साथ ले गए।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि देवेंद्र नाथ दुबे ने करीब एक माह पूर्व अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपए में बेची थी। वह जिस घर में रहते हैं, उसको भी तीन करोड़ रुपए में बेचने की बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि देवेंद्र नाथ दूबे के छोटे बेटे प्रतीक से संबंध अच्छे नहीं थे। एसीपी ने बताया कि देवेन्द्र नाथ के घर पर सुबह करीब सवा 7 बजे दूध वाला आया था। वह दूध देकर चला गया था, जिसके बाद देवेन्द्र नाथ भी गोल्फ खेलने के लिए चले गए। दूध लेने के बाद मोहनी ने उसे गर्म करने के लिए किचन में चूल्हे पर रखा था, लेकिन वह गर्म नहीं कर पाई।
पुलिस का कहना है कि मकान के प्रथम तल पर पहुंचने के लिए नीचे मेन गेट से दाखिल होने पर एक चैनल है, उसके बाद जीने चढ़कर प्रथम तल पहुंचते हैं, जहां एक और गेट लगा है, जो अक्सर बंद रहता है। आशंका जताई जा रही है कि किसी परिचित के आने के कारण मोहनी ने दूध बिना गर्म किए दरवाजा खोला, जिसके बाद उसने मोहनी की हत्या कर दी। संभावना जताई जा रही है कि मोहनी की हत्या की साजिश में घरेलू नौकर व ड्राइवरों में से भी कोई शामिल रहा हो।