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यूपी में सबसे ज्यादा छात्राओं का उत्पीड़न, 1090 पर करीब 2 लाख शिकायतें

यूपी में छात्राओं पर शोहदों की गंदी नज़र।

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लखनऊ

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Dhirendra Singh

Dec 06, 2017

School Girls

School Girls

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लड़कियों व महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है। प्रदेश भर में लड़कियां आज भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लड़कियों और महिलाओं की समस्या और सुरक्षा पुख्ता करने के लिए बनाए गए वूमेन पावर लाइन (1090) पर शिकायतों का अंबार लगा हुअा है। महिलाओं के हेल्पलाइन के रुप में बनाई गई वूमेन पावर लाइन के एक डाटा मुताबिक गत 10 महीने में करीब 2 लाख महिलाओं ने उत्पीड़न की शिकायत कराई है। इसमें उत्पीड़न की सबसे ज्यादा शिकार स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राएं सामने आई हैं।

स्कूल-कॉलेज की छात्राएं शोहदों के निशाने पर
यूपी में उत्पीड़न की सबसे ज्यादा शिकार स्कूल और कॉलेज की छात्राएं हो रही है। यह तथ्य यूपी पुलिस के महिला हेल्प लाइन (वूमेन पावर लाइन 1090) के आकड़ो द्वारा सामने आई है। 1 जनवरी से अक्टूबर 2017 के बीच 1090 हेल्पलाइन पर फोन, सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से होने वाले उत्पीड़न की 1,99,464 शिकायतें आई।
इनमें सबसे ज्यादा शिकायती कॉल स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्र-छात्राओं की थी। जिन्होंने फोन व रास्ते में आते जाते समय शोहदों द्वारा परेशान करने की बात बताई।

20 से 25 साल की लड़कियां सबसे ज्यादा परेशान
वूमने पावर लाइन को मिली शिकायतों में कॉलेज आने-जाने वाली, कामकाजी और गैर कामकाजी 20 से 25 वर्ष की उम्र की लड़कियों के उत्पीड़न के मामले ज्यादा है। ज्यादातर मामलों में शोहदे लड़कियों नंबर हासिल कर फोन पर परेशान करते हैं, वहीं सोशल मीडिया और रास्ते में छेड़छाड़ की शिकायतों की संख्या भी काफी है।

शिकायतों पर हो रहा है काम
वूमने पावर लाइन के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक 1090 पर 10 महीनों में कुल 1,99,464 शिकायतें आई। इस दौरान 1,90,359 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। वहीं 9,105 शिकयतों पर जरुरी कदम उठाएं जा रहे हैं। 1090 में सबसे ज्यादा शिकायतें मोबाइल फोन पर परेशान करने की सबसे ज्यादा शिकायते आई है। जो कि कुल शिकायतों का लगभग 87 प्रतिशत हैं।वहीं सार्वजनिक जगहों पर परेशान करने के 9 प्रतिशत, सोशल साइट के जरिये 2 प्रतिशत, घरेलू हिंसा के 1.9 प्रतिशत व अन्य 0.1 मामले सामने आए हैं।