अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वालीं बहराइच की बीजेपी सांसद सावित्री बाई फूले ने भी अब योगी सरकार पर निशाना साधा है।
लखनऊ. दलितों के घर भोज को लेकर भाजपा सरकार विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। नौबत ये आ गई है कि भाजपा के ही मंत्री व सांसद ऐसा करने वालों पर हमलावर हो गए हैं। इसी कड़ी में बीते दिनों अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वालीं बहराइच की बीजेपी सांसद सावित्री बाई फूले ने भी अब योगी सरकार पर निशाना साधा है।आपको बता दें यूपी सरकार के कई मंत्री और नेता रात्रि प्रवास कर दलितों के यहां सहभोज में भाग ले रहे हैं। लेकिन इस दौरान कुछ नेताओं पर दलितों के घर क बना हुआ खाना न खाकर बाहर से खाना मंगवाकर खाने का आरोप लग रहा है।
सिर्फ भोज करने से नहीं होता सम्मान-
बीजेपी सांसद ने योगी सरकार पर दलित के घर सहभोज कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ घर में खाना खाने से अनुसूचित जाति वर्ग का सम्मान नहीं बढ़ जाता है। अगर भोजन ही करना है तो अनुसूचित के घर का बना हुआ खाएं, उनके बर्तन में खाएं। अगर ये लोग चौके में खाना खाते, तो मान भी लिया जाता, लेकिन यहां तो बर्तन भी बाहर से आ रहे हैं व भंडारी भी बाहर से आता है। भोजन भी दूसरे लोग ही बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह तो पूरे देश के बहुजन समाज व अनुसूचित जाति व गरीबी का घोर अपमान है।
सावित्री बाई फूले ने अनुसूचित जाति के साथ हो रहे अन्याय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सबको बराबर का सम्मान मिलना चाहिए। सरकार को उन्हें नौकरी, शिक्षा, घर व कपड़े देेने चाहिए। उन्होंने कहा कि लेकिन अफसोस है कि इसी सरकार में बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ी जा रही है।
उमा भारती ने किया थो भोज करने से इंकार-
इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने दलितों के साथ सामाजिक समरसता भोज में भोजन करने के मना कर दिया था। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वह दलित के घर खाना खाने की बजाए अपने घर पर दलितों को भोजन कराएंगी और परिवार के लोगों के जूठे बर्तन उठाएंगी।