
CM Jan Arogya Mela
लखनऊ. यूपी में एक बार फिर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की शुरुआत होने जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बीते साल योगी सरकार ने प्रदेश में हर रविवार को सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के तहत आरोग्य मेलों का आयोजन किया था। उस समय केवल छह-सात आरोग्य मेले ही सम्पन्न हो पाये थे, जिसके जरिए 30 लाख से अधिक लोगों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कीं। उसी दौरान वैश्विक महामारी कोरोना ने दस्तक दे दी। ऐसे में सरकार को यह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। अब दोबारा इसकी शुरुआत होने जा रही है। इससे सरकार लोगों को सस्ते और बेहतर इलाज की सुविधा दे पाएगी।
तमाम रोगों के नियंत्रण में मददगार बनेगा आयोजन-
कोरोना को न्यूनतम स्तर पर लाने के बाद अन्य तमाम रोगों के नियंत्रण में यह आयोजन मददगार बनेगा। स्वास्थ्य विभाग इस विशेष अभियान की नोडल एजेंसी होगी। बाकी विभाग पहले की तरह ही इसमें सहयोग करेंगे। यह आयोजन न केवल लोगों के आरोग्य लाभ का जरिया बनेगा बल्कि उनको विभिन्न विषाणु जनित बीमारियों, खुले में शौच, गंदगी और प्रदूषित पानी से होने वाले रोगों के प्रति जागरूक करने का मंच भी बनेगा। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार कल्याण, पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता, आयुष्मान कार्ड, मिशन इंद्रधनुष, खुशहाल परिवार दिवस और मातृत्व वंदना दिवस जैसे कार्यक्रमों के बारे में भी सविस्तार जानकारी दी जाएगी।
सबका बेहतर स्वास्थ्य सीएम योगी की सर्वोच्च प्राथमिकता-
आम आदमी को भी पास में ही सस्ता और आधुनिक इलाज मिले, यह योगी आदित्यनाथ की बतौर सांसद भी प्रथमिकता रही है। गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज की बेहतरी, पूर्वांचल के मासूमों के लिए करीब चार दशकों से काल बनी इंसेफेलाइटिस के टीककरण, इलाज एवं इसकी जांच के लिए इंडियन वायरोलॉजिकल सेंटर पुणे से संबद्ध रीजनल सेंटर की स्थापना तथा गोरखपुर में एम्स के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष, उनकी स्वास्थ्य के क्षेत्र में रुचि का प्रमाण है। इतना ही नहीं, अपने स्तर से उन्होंने गुरु श्रीगोरक्षनाथ अस्पताल की स्थापना कराकर पूर्वांचल की जनता को आधुनिक और सस्ती इलाज की सुविधा मुहैया कराई। इस अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा दूरदराज के गांवों में भी मिले, इसके लिए ब्लॉक स्तर पर जांच, इलाज और दवा वितरण के लिए निःशुल्क कैंप आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी है।
Updated on:
03 Aug 2021 05:30 pm
Published on:
03 Aug 2021 05:26 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
