
Mulayam Singh
लखनऊ. आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकी देने के मामले में मुलायम सिंह यादव की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीते जुलाई माह में 5 तारीख को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव को आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाने के मामले में कोर्ट द्वारा निर्देश दिए गए थे जिसमें 20 दिनों के अंदर उन्हें अपनी आवाज का नमूना देने व कार्रवाही में सहयोग करने के लिए कहा गया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर मुलायम सिंह अपनी आवाज का नमूना देने में सहयोग नहीं करते हैं या वे असमर्थ होते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि प्रश्नगत आवाज उन्हीं की है।
मुलायम ने कहा- वह मेरी ही आवाज थी:
विवेचक बाज़ारखाला सीओ अनिल कुमार यादव ने आज सीजेएम लखनऊ आनंद प्रकाश सिंह की कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जिसमें बताया गया कि मुलायम सिंह यादव ने अपनी आवाज़ का सैम्पल देने से इन्कार किया और सफाई कहा है कि जो आवाज रिकॉर्डेड है वह उन्हीं की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मुलायम सिंह यादव ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाया नहीं, बस समझाने का प्रयास किया था।
आवाज का नमूना लेने के लिए बनाई गई थी टीम-
आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव पर IPS अमिताभ ठाकुर को धमकाने का आरोप लगा था। यह धमकी 10 जुलाई, 2015 को अमिताभ के मोबाइल पर दी गई थी। इस मामले में मुलायम सिंह यादव की आवाज का नमूना अभी तक नहीं लिया जा सका है। एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार ने 14 फ़रवरी 2018 को सीओ बाज़ारखाला के नेतृत्व में एक विशेष अन्वेषण टीम का गठन किया था लेकिन, आवाज़ का नमूना उस टीम द्वारा नहीं लिया जा सका।
पहले भी कोर्ट ने दिए थे आदेश-
इस मामले में कोर्ट ने 20 अगस्त 2016 को विवेचक को मुलायम की आवाज़ का नमूना लेकर यह पता करने के आदेश दिए थे कि अमिताभ को धमकी देने वाले की आवाज क्या मुलायम सिंह यादव की ही थी। पूर्व विवेचक अभय मिश्रा ने सीजेएम कोर्ट को भेजी आख्या में कहा था कि उन्होंने और उनके पूर्वाधिकारी ने कई बार मुलायम सिंह के लखनऊ तथा दिल्ली आवास पर आवाज़ का नमूना देने के सिलसिले में नोटिस भेजा पर उनके आवास पर किसी ने इसे प्राप्त नहीं किया।
Published on:
14 Aug 2018 08:17 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
