
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे की मुलाकात हुई। चर्चा भी हुई। मुद्दा था सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकारी बंगलों को छिनने से कैसे रोका जाये? गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पुराने कानून को रद्द करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगले खाली कराने का आदेश दिया था। यूपी के जिन छह पूर्व सीएम के नाम पर बंगले अलॉट हैं, उनमें मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव , राजनाथ सिंह , कल्याण सिंह, एनडी तिवारी और मायावती के नाम शामिल हैं।
सीएम योगी को दियाये सुझाव
मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को मसले का हल बताते हुए सुझाव दिया कि उनका बंगला नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी को और बेटे अखिलेश यादव का बंगला नेता विधान परिषद अहमद हसन के नाम आवंटित कर दें। इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी के मुख्यमंत्रियों के बंगले भी बचाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह का बंगला पंकज सिंह के नाम पर और कल्याण सिंह का बंगला राज्यमंत्री व उनके पोते संदीप सिंह के नाम पर आवंटित कर दिया जाये। ऐसा करने से यह बंगले बच सकते हैं।
पता नहीं चला मुख्यमंत्री का जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलायम के सुझाव को सुना, लेकिन इस पर उन्होंने क्या बयान दिया? उस पर कितना अमल किया? इसका अभी तक पता नहीं चल सका है।
नोटिस देने की तैयारी में राज्य संपत्ति विभाग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य संपत्ति विभाग पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनके नाम पर आवंटित बंगलों को खाली कराने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर विभाग बंगला खाली कराने संबंधी एक चिट्ठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजेगा। सीएम की मुहर के बाद ही विभाग की उसे उन सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले खाली करने का नोटिस जाएगा, जिनके नाम पर ये बंगले आवंटित हैं। न्याय विभाग की तरफ से इस पर समहति भी आ गई है।
Published on:
17 May 2018 06:09 pm

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