
शादी से पहले हवन-यज्ञ और आध्यात्मिक अनुष्ठान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
IPS Krishna Kumar Bishnoi Anshika Verma Wedding: आधुनिक प्रशासनिक सेवाओं में उच्च पदों पर कार्यरत दो युवा आईपीएस अधिकारियों ने अपनी जीवन की नई शुरुआत को भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक आस्था से जोड़ते हुए एक अनूठी मिसाल पेश की है। आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई और उनकी होने वाली पत्नी अंशिका वर्मा ने अमावस्या के पावन अवसर पर लोदीपुर में ‘पाहाल’ ग्रहण कर आध्यात्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया।
यह विशेष आयोजन संतों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच अंशिका वर्मा को ‘पाहाल’ दिया गया। इस प्रक्रिया के साथ उनका ‘बिश्नोई’ नामकरण भी किया गया, जो विवाह से पहले इस परंपरा के पालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा।
अमावस्या के दिन किए गए इस आयोजन का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए यज्ञ, हवन और मंत्र पाठ अत्यंत फलदायी होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इसी विश्वास के साथ दोनों आईपीएस अधिकारियों ने संतों के मार्गदर्शन में हवन और यज्ञ में भाग लिया तथा ‘शब्दवाणी’ का पाठ भी किया।
कार्यक्रम के दौरान अंशिका वर्मा पारंपरिक परिधान में नजर आईं और पूरी श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। वहीं कृष्ण कुमार बिश्नोई भी पूरे विधि-विधान के साथ यज्ञ में सम्मिलित हुए। दोनों की जोड़ी ने यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना संभव है।
संतों ने इस अवसर पर कहा कि ‘पाहाल’ ग्रहण करना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, सेवा और आध्यात्मिकता को अपनाने का संकल्प भी है। उन्होंने दोनों अधिकारियों को आशीर्वाद देते हुए उनके दांपत्य जीवन के सुखमय और सफल होने की कामना की।
गौरतलब है कि कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका वर्मा की शादी 29 मार्च को होने जा रही है। शादी से पहले इस तरह के धार्मिक आयोजन ने उनके रिश्ते को और अधिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आधार प्रदान किया है। यह आयोजन न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और परिजन उपस्थित रहे। सभी ने इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने नवदंपति के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं, खासकर युवाओं के बीच। जहां एक ओर आज की पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रही है, वहीं इस तरह के उदाहरण यह दिखाते हैं कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन बनाए रखना संभव है।
इस पूरे आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को यदि आध्यात्मिकता और परंपरा के साथ जोड़ा जाए, तो वे और भी अधिक अर्थपूर्ण और यादगार बन जाते हैं। कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका वर्मा ने अपने इस कदम से न केवल अपने रिश्ते को एक मजबूत आधार दिया है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक दिशा में सोचने का संदेश दिया है।
कुल मिलाकर, यह आयोजन प्रेम, आस्था और परंपरा का सुंदर संगम था, जिसने यह साबित कर दिया कि सच्चे रिश्ते केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि संस्कारों और मूल्यों से भी मजबूत होते हैं। आने वाली 29 मार्च की तारीख अब इस जोड़े के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बनने जा रही है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है।
Updated on:
19 Mar 2026 12:03 pm
Published on:
19 Mar 2026 12:03 pm
