
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी, PC- Patrika
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मिशन 2027 से पहले प्रदेश के करीब 2 लाख आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने इन कर्मचारियों के मानदेय में भारी बढ़ोतरी करते हुए उनके चेहरों पर मुस्कान ला दी है। अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर तकनीकी सहायकों तक के वेतन में 8 से 11 हजार रुपए तक की वृद्धि की गई है। बढ़ा हुआ वेतन अप्रैल माह से लागू होगा।
सरकार ने न केवल मानदेय बढ़ाया है, बल्कि अब कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का कवच भी दिया है। अब वेतन के साथ 13% ईपीएफ (EPF) और 3.25% ईएसआई (ESI का लाभ भी मिलेगा।
| पद का नाम | पुराना मानदेय | नया मानदेय (लगभग) |
| चपरासी / चौकीदार | ₹10,000 | ₹18,000 |
| डाटा एंट्री ऑपरेटर / कंप्यूटर सहायक | ₹14,000 | ₹23,000 |
| अनुवादक (Translator) | ₹14,000 | ₹23,000 |
विपक्ष के आरोपों और ठेका प्रथा में हो रहे शोषण को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने यूपी आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया है। अब निजी एजेंसियां मनमानी नहीं कर सकेंगी। कर्मचारियों को काम करने में राहत मिलेगी। उनके ऊपर दबाव भी कम रहेगा और प्रक्रिया पारदर्शी भी रहेगी।
आउटसोर्सिंग की नई दरें जारी, अब टीचरों को 25 हजार मिलेंगे : सरकार ने आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम दरें जारी की हैं। इसके तहत भर्ती होने वाले डॉक्टरों को 40 हजार रुपए तक सैलरी मिलेगी। वहीं, शिक्षण सेवाओं के लिए 25 हजार रुपए तक वेतन दिया जाएगा।
बड़ा बदलाव : पहले निजी एजेंसियां भर्ती करती थीं, जिससे भ्रष्टाचार और समय पर वेतन न मिलने की शिकायतें आम थीं। अब 'UPCOS' के जरिए पारदर्शी भर्तियां होंगी।
आरक्षण का नया गणित : विपक्ष के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड की काट निकालते हुए सरकार ने आउटसोर्सिंग भर्तियों में भी आरक्षण लागू कर दिया है:
OBC: 27%
SC: 21%
EWS: 10%
ST: 02%
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान किया था। सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण के लिए विभाग के बजट को 2223.84 करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया है, जो पिछले बजट के मुकाबले 426 करोड़ रुपए अधिक है।
Updated on:
19 Mar 2026 07:26 pm
Published on:
19 Mar 2026 04:47 pm
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