
Mulayam singh yadav
लखनऊ. समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की लड़ाई अब एक अलग स्तर पर पहुंचने वाली है। बीते शुक्रवार को सपा ने 9 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी, जिसके बाद यादव परिवार के ही सदस्य आमने-सामने आ गए हैं। 9 सीटों में से कुछ सीटेें ऐसी हैं जहां प्रसपा भी अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। बदायूं (धर्मेंद्र यादव) , इटावा (कमलेश कठेरिया), राबर्टसगंज (भाईलाल कोल), बहराइच (शब्बीर बाल्मीकि) जैसी सीटों पर तो इस कलह का प्रभाव पड़ने की उम्मीद कम है, लेकिन फिरोजाबाद (अक्षय यादव), कन्नौज (डिंपल यादव) जैसी सीटों पर घमासान होने की पूरी संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि शिवपाल मैनपुरी सीट को पहले ही मुलायम सिंह यादव के लिए छोड़ने का एलान कर चुके हैं। यही नहीं अपर्णा यादव को लेकर पर भी संशय बरकरार है।
फिरोजाबाद से शिवपाल यादव लड़ सकते हैं चुनाव-
समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव को फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव का टिकट दिया गया है। लेकिन इसी सीट से नई नवेली पार्टी बनाने वाले प्रसपा लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव के चुनाव लड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। यदि ऐसा होता है तो चाचा-भतीजे में दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है।
डिंपल का हो सकता है आदित्य यादव से सामना-
डिंपल यादव के दोबारा कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद सपाईयों में खुशी की लहर है। लेकिन अलग से पार्टी बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव अपने पुत्र आदित्य को यहां से चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। बीते वर्ष से पार्टी संगठन को मजबूत करने में लगे आदित्य ने भी इस ओर इशारा किया था कि अगर पार्टी कहेगी तो मैं कन्नौज से चुनाव लडूंगा।
मैनपुरी से मुलायम, तो तेजप्रताप सिंह कहां से लड़ेंगे चुनाव-
वर्तमान सांसद तेजप्रताप यादव की संसदीय सीट मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की गई है। मुलायम के मैनपुरी सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर उनके पोते तेज प्रताप सिंह ने चुनाव लड़ा व जीत हासिल की। लेकिन अब इस सीट से नेता जी चुनावी ताल ठोंकने जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में तेज प्रताप को सपा किसी दूसरी सीट से लड़ा सकती है। या फिर जानकार यह भी कयास लगा रहे कि तेज प्रताप को पार्टी संगठन स्तर पर बड़ जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अपर्णा यादव भी लड़ेंगी चुनाव?-
मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव के चुनाव लड़ने पर भी संशय बरकरार है। भाजपा की ओर अपना रुख नरम रखने वाली अपर्णा इस बार चुनावी मैदान में उतरने की बेहद इच्छुक हैं। अपने कई बयानों में वह कई बार यह इच्छा जाहिर भी कर चुकी हैं, लेकिन सपा आलाकमान इस पर कुछ भी कहने से बच रहा है। हालांकि सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि उन्हें संभल से टिकट दिया जा सकता है, लेकिन यदि सपा ने उन्हें चुनावी मैदान में नहीं उतारा, तो उनकी ओर से विरोध भी देखने को मिल सकता है।
Published on:
10 Mar 2019 04:05 pm
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