
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव आज जो ऐलान करने वाले थे, वह उन्होंने नहीं किया। सोमवार को मुलायम सिंह यादव की जो बैठक और प्रेस कांफ्रेंस प्रस्तावित थी, उसमें बड़ा निर्णय होने की उम्मीद थी। माना जा रहा था कि मुलायम सिंह यादव आज या तो नई पार्टी को लेकर या तीसरे मोर्चे से जुड़ा कोई ऐलान करेंगे। जानकारों का दावा है कि मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस से कुछ समय पहले अपने निर्णय में बदलाव किया। दावा यहाँ तक किया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव की प्रेस कांफ्रेंस की चिट्ठी भी ऐन वक्त पर बदली गई। सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव इस पत्र को प्रेस कांफ्रेंस में पढ़ने वाले थे।
पत्र में लिखा है - ' पिछले एक वर्ष से लगातार अकारण अपमानित होने के बावजूद पार्टी को एक रहने के लगातार कई प्रयास किये परन्तु प्रदेशीय सम्मेलन में मुझे आमंत्रित तक नहीं करने के कारण अपमानित महसूस कर रहा हूँ जबकि पार्टी की स्थापना वर्ष 1992 में मेरे ही द्वारा की गई थी जो कि देश के समाजवादी आंदोलन का महत्वपूर्ण व प्रमुख भाग रहा है। देश के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान रखते हुए मैंने फैसला लिया है कि अलग संगठन या दल बनाकर समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर अलग राजनैतिक रास्ता बनाया जाएगा, जिसकी रूपरेखा शीघ्रा तैयार की जाएगी। किसानों, बेरोजगारों, मुसलमानों की आवाज कोई नहीं उठा रहा है, इसलिए मजबूर होकर मैं यह निर्णय कर रहा हूँ। '
सोशल मीडिया पर इस पत्र के वायरल होने के बाद तमाम तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।हालाँकि इस पत्र को लेकर किसी तरह की पुष्टि या खंडन अभी तक सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि शिवपाल यादव को मुलायम सिंह यादव के इस ताजा निर्णय की जानकारी हो गई थी इसलिए वे प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद नहीं थे। मुलायम सिंह यादव के प्रेस कांफ्रेंस के ठीक बाद लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि मुलायम सिंह इस समय पुत्र मोह में हैं। देश को सेक्युलर मोर्चा की जरूरत है। अगर देश को बचाना है तो सेक्युलर मोर्चा बनाना चाहिए।
Published on:
25 Sept 2017 02:49 pm

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