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परिवार की रजामंदी से हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से हो रहा था विवाह, पुलिस ने आकर रोक दी शादी

locationलखनऊPublished: Dec 04, 2020 11:57:49 am

Submitted by:

Karishma Lalwani

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक अंतरधर्म विवाह को नए अध्यादेश के उल्लंघन का हवाला देते हुए रुकवा दिया। दरअसल, लखनऊ के पारा थाने इलाके में बुधवार को एक हिंदू लड़की का विवाह मुस्लिम लड़के से हो रहा था।

परिवार की रजामंदी से हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से हो रहा था विवाह, पुलिस ने आकर रोक दी शादी
परिवार की रजामंदी से हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से हो रहा था विवाह, पुलिस ने आकर रोक दी शादी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक अंतरधर्म विवाह को नए अध्यादेश के उल्लंघन का हवाला देते हुए रुकवा दिया। दरअसल, लखनऊ के पारा थाने इलाके में बुधवार को एक हिंदू लड़की का विवाह मुस्लिम लड़के से हो रहा था। शादी दोनों परिवारों की रजामंदी और रस्मों से हो रही थी। लेकिन शादी के बीच पुलिस वहां आ गई और अंतर धार्मिक कानून का हवाला देते हुए शादी रुकवा दी। इसका कारण था दोनों परिवारों की धर्म परिवर्तन पर बनाए गए कानून की जानकारी न होना और बगैर जानकारी विवाह को लेकर गलती करना। हालांकि, बाद में दोनों परिवारों ने जिलाधिकारी के समक्ष कानून के तहत अर्जी दाखिल करने और उसके बाद शादी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही।
पुलिस ने दी नए कानून की जानकारी

लखनऊ के पारा थाना इलाके के डूडा कॉलोनी में रहने वाले लड़का-लड़की के घर अगल बगल में ही है। दोनों की शादी परिवार की रजामंदी से हो रही थी। यह शादी पहले हिंदू परंपरा के अनुसार हो रही थी और फिर मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी होनी थी। लेकिन कुछ संगठनों ने इसका विरोध किया। संगठनों की आपत्ति थी कि युवती की बिना धर्म परिवर्तन गैर धर्म में शादी हो रही थी। विवाद बढ़ने पर पुलिस दोनों को थाने ले गई और अंतर धार्मिक शादी पर नए कानून की जानकारी दी।
जिलाधिकारी से अनुमति के बाद होगी शादी

पुलिस ने दोनों परिवारों को जानकारी दी कि शादी को हाल ही में अधिसूचित उत्तर प्रदेश निषेध धर्म परिवर्तन अध्यादेश, 2020 के धारा 3 और 8 (खंड दो) के अनुसार रोका गया था। हाल में धर्म परिवर्तन के तहत लाए गए अध्यादेश के तहत गैर मजहब के व्यक्ति को शादी के लिए, जबरन उकसाकर, धोखे से, लालच देकर, खरीद-फरोख्त या बरगलाकर धर्म परिवर्तन करवाना गैर कानूनी माना गया है। नए अध्यादेश की पूरी जानकारी होने पर दोनों परिवारों ने जिलाधिकारी के समक्ष अंतर धार्मिक विवाह के लिए अर्जी दाखिल करने की बात कही। अब शादी की प्रक्रिया इसके बाद ही पूरी हो पाएगी।

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