
Nathuram Godse Zindabad Trending on Twitter: गांधी जयंती पर ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है नाथूराम गोडसे जिंदाबाद
लखनऊ.Nathuram Godse Zindabad Trending on Twitter: ट्विटर यूज़र आज गाँधी जयंती के दिन नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) की तस्वीर लगा कर तरह-तरह के विचार लिख रहे हैं तो कुछ meme बना रहे हैं| वहीं नाथूराम गोडसे जिंदाबाद के ट्विटर पर ट्रेंड करने के बाद 'Godse' भी ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा। जिसमें वे लोग जो नाथूराम गोडसे के विचारों के खिलाफ हैं ट्वीट करने लगे। नाथूराम गोडसे जब तक वीर सावरकर के सानिध्य में नहीं आए थे तब तक वह गाँधी को अपना आदर्श मानते थे| लेकिन विचारधारा में आए बदलाव की वजह से उन्होंने गाँधी की गोली मारकर हत्या कर दी| जेल में बंद रहने के दौरान एक किताब भी लिखी कि 'मैनें गांधी को क्यों मारा?' मगर इस किताब को प्रकाशन की अनुमति नहीं दी गयी। आइये जानते हैं नाथूराम गोडसे और आज हो रहे ट्वीट्स के बारे में
कौन है नाथूराम गोडसे?
महाराष्ट्र में पुणे के बारामती गाँव में 19 मई 1910 को चितपावन ब्राह्मण परिवार में जन्मे नाथूराम गोडसे के बचपन का नाम रामचंद्र था। चूँकि बचपन में इनके माता-पिता ने इनकी नाक छिदवा दी थी और उसमें एक छल्ला भी पहना दिया था इसी वजह से इनका पुकारू नाम नाथूराम पड़ गया। बाद में यही नाम प्रचलन में आ गया।
गांधी को अपना आदर्श मानते थे गोडसे (Godse)
अपनी युवावस्था के शुरुआती दिनों में नाथूराम गोडसे के विचारों पर गांधी की छाप थी। वे गांधी को अपना आदर्श मानते थे। मगर बाद के दिनों में वीर सावरकर के सानिध्य में आने के बाद इनके विचारों में परिवर्तन आ गया और ये गांधी वैचारिक दुश्मन बन गये। गोडसे भारत-पाकिस्तान के विभाजन के लिए और इस दौरान लाखों की संख्या में मारे गये लोगों की मौत का जिम्मेदार गांधी को मानते थे। इसी के चलते उन्होंने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की गोली मार कर हत्या कर दी।
गोडसे ने कोर्ट में स्वीकार किया अपराध
महात्मा गांधी की मौत के बाद जब कोर्ट में नाथूराम गोडसे के खिलाफ मुकदमा चला तो उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अदालत ने एक साल चले लंबे मुकदमे के बाद इन्हें और नारायण आप्टे को फाँसी की सजा सुनाई। जिसके बाद 15 नवंबर 1949 को अंबाला की सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गयी।
मैंने गांधी को क्यूं मारा?
नाथूराम गोडसे ने अपनी सजा से एक दिन पहले अदालत में बयान दिया था कि आखिर उन्होने गांधी को क्यों मारा। करीब पाँच घंटे के इस बयान को 90 पेज के दस्तावेज में दर्ज किया गया था। इसके अलावा उन्होंने जेल में बंद रहने के दौरान एक किताब भी लिखी कि "मैनें गांधी को क्यों मारा?” मगर इस किताब को प्रकाशन की अनुमति नहीं दी गयी।
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आइये जानते हैं आज के ट्वीट्स के बारे में
1) श्रद्धा नाम की एक ट्विटर यूज़र ने नाथूराम गोडसे की तस्वीर लगाकर लिखा है कि, 'Shooting Champion नाथूराम गोडसे जिंदाबाद'
2) रोहित सिंह नाम के एक ट्विटर यूज़र ने नाथूराम गोडसे जिंदाबाद हैशटैग के साथ लिखा है 'Thanks for saving India… A patriot Nathuram Godse…'
3) आदेश कुमार दीक्षित नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है कि 'True Patriot..'
4) राधे नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है 'One man army Nathu Ram Godse'
Published on:
02 Oct 2021 04:01 pm
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