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Lucknow-Varanasi Green Corridor: सुल्तानपुर मार्ग से तेज होगी यात्रा, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत,जानिए कब तक

Lucknow-Varanasi Highway to Become Green Corridor: लखनऊ से वाराणसी तक सुल्तानपुर मार्ग पर हाईवे को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। सड़क अपग्रेड होने से ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा समय में भी बड़ी कमी आएगी।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

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Updated: 15 Mar 2026, 2:21 PM IST

लखनऊ–वाराणसी हाईवे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, सुल्तानपुर होते हुए तेज रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

लखनऊ–वाराणसी हाईवे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, सुल्तानपुर होते हुए तेज रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Lucknow Varanasi Highway Travel Time Reduction: उत्तर प्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने Lucknow-Varanasi Highway को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इस परियोजना के तहत लखनऊ से सुल्तानपुर होते हुए वाराणसी तक के मार्ग को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव प्रदान करना है। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर हरित पट्टी विकसित कर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

मौजूदा सड़क का होगा अपग्रेडेशन

सरकार की योजना के अनुसार इस मार्ग को पूरी तरह नया एक्सप्रेस वे बनाने के बजाय मौजूदा सड़क को ही आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इससे परियोजना की लागत कम होगी और निर्माण कार्य भी अपेक्षाकृत कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

सड़क के चौड़ीकरण, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से इसे एक हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे लखनऊ से वाराणसी के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

सुल्तानपुर के रास्ते बनेगा सीधा और तेज मार्ग

यह मार्ग Lucknow से शुरू होकर Sultanpur होते हुए Varanasi तक जाएगा। यह मार्ग पहले से ही काफी व्यस्त है और रोजाना हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। नई योजना के तहत सड़क को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि वाहन बिना किसी बाधा के तेज गति से चल सकें। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी।

ग्रीन कॉरिडोर के रूप में होगा विकास

इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसे ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत सड़क के दोनों ओर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा और हरित पट्टी बनाई जाएगी।पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परियोजना में सस्टेनेबल और इको-फ्रेंडली डिजाइन का उपयोग किया जाएगा। इससे सड़क निर्माण के दौरान और उसके बाद भी पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के ग्रीन कॉरिडोर भविष्य की जरूरत हैं, क्योंकि इससे विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की व्यवस्था

नई योजना के तहत सड़क पर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सड़क संकेतों, लेन मैनेजमेंट और अन्य सुविधाओं को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। इसके अलावा दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सुरक्षा मानकों को भी मजबूत किया जाएगा। सड़क के किनारे पर्याप्त रोशनी, संकेतक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यात्रा समय में होगी कमी

फिलहाल लखनऊ से वाराणसी तक की यात्रा में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। सड़क के अपग्रेड होने के बाद यह समय काफी कम होने की उम्मीद है। हाई-स्पीड कॉरिडोर बनने के बाद वाहन अधिक गति से चल सकेंगे, जिससे यात्रियों को समय की बचत होगी। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं बल्कि व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी मिलेगा। लखनऊ और वाराणसी दोनों ही प्रदेश के प्रमुख शहर हैं और इनके बीच बेहतर सड़क संपर्क से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। वाराणसी देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है। बेहतर सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम

सड़क के बेहतर होने से रास्ते में पड़ने वाले शहरों और कस्बों का भी विकास होगा। सुल्तानपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।

जल्द शुरू हो सकता है काम

सरकारी सूत्रों के अनुसार इस परियोजना को जल्द ही अमलीजामा पहनाने की तैयारी की जा रही है। तकनीकी सर्वे और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि इस मार्ग को आधुनिक और सुरक्षित बनाकर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं। लखनऊ से वाराणसी तक बनने वाला यह ग्रीन कॉरिडोर न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।