
कांशीराम जयंती पर मायावती ने दी श्रद्धांजलि, कार्यकर्ताओं में दिखा जोश, ‘मिशन 2027’ का लिया संकल्प (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Mayawati Pays Tribute to BSP Founder Kanshi Ram in Lucknow: बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और दलित चेतना के महानायक Kanshi Ram की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बसपा सुप्रीमो Mayawati ने स्मारक स्थल पहुंचकर कांशीराम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मायावती ने कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि कांशीराम का जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई का प्रतीक रहा है। उनके विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं।
कांशीराम की जयंती के अवसर पर लखनऊ स्थित स्मारक स्थल पर सुबह से ही बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जमावड़ा देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर ‘जय भीम’ और ‘कांशीराम अमर रहें’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह और जोश देखने को मिला। कई कार्यकर्ता अपने-अपने जिलों के बैनर और झंडे लेकर पहुंचे थे। बसपा नेताओं का कहना है कि कांशीराम की जयंती उनके विचारों और संघर्षों को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है, इसलिए हर साल इस दिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता यहां एकत्रित होते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को एकजुट कर उसे राजनीतिक ताकत में बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज भी बहुजन समाज पार्टी उन्हीं सिद्धांतों और विचारों के आधार पर काम कर रही है। कांशीराम का सपना था कि समाज के कमजोर वर्गों को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिले। मायावती ने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
इस कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा होती रही। पार्टी नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ताओं में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, उसे आगामी 2027 Uttar Pradesh Legislative Assembly election के लिए बसपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने ‘मिशन 2027’ को लेकर अपनी तैयारियों का संकेत दिया। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे गांव-गांव जाकर पार्टी की नीतियों और कांशीराम के विचारों को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। बसपा नेताओं का मानना है कि कांशीराम की विचारधारा आज भी समाज के बड़े वर्ग को प्रभावित करती है और आने वाले समय में यह पार्टी के लिए एक मजबूत आधार बन सकती है।
कांशीराम को भारतीय राजनीति में सामाजिक न्याय और बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना कर समाज के वंचित वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी राजनीतिक रणनीति और संगठन क्षमता ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर उसे राजनीतिक ताकत में बदलने का प्रयास किया। आज भी उनके समर्थक उन्हें सामाजिक परिवर्तन के महानायक के रूप में याद करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बसपा कार्यकर्ताओं ने कांशीराम के आदर्शों पर चलने और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि कांशीराम के बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में समानता और न्याय की स्थापना संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी की नीतियों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं।
कांशीराम की जयंती केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में बसपा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और सामाजिक न्याय के उनके संदेश को याद किया। लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम ने यह संकेत दिया कि बसपा अपने संस्थापक नेता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सक्रिय है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करते हैं बल्कि आने वाले चुनावों के लिए संगठनात्मक मजबूती का भी संदेश देते हैं।
Published on:
15 Mar 2026 10:53 am
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