
समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर हैं नवोदय विद्यालय -डाक निदेशक केके यादव
लखनऊ , अरे! यही तो मेरी क्लास थी, इसी सीट पर मैं बैठता था। हॉस्टल कितना बदल गया है। हॉस्टल ही नहीं हमारे अध्यापक और हम लोग भी कितना बदल गए हैं , बस नहीं बदला तो वो अपनापन। कुछ ऐसी ही बातें करते नजर आये जवाहर नवोदय विद्यालय, जीयनपुर, आजमगढ़ के पुराने छात्र। मौका था, 1994 में पास आउट विद्यार्थियों के सिल्वर जुबली समारोह का। इस ग्रैंड एल्युमिनाई मीट में नवोदय विद्यालय के तमाम पुराने छात्र 25 बरसों बाद एक दूसरे से मिले और हाल जाना। साथ ही अपनी उपलब्धियों के साथ स्कूली दिनों की खट्टी-मीठी यादें ताजा कीI
इस अवसर पर नवोदय विद्यालय आजमगढ़ के संस्थापक प्रिंसिपल दिनेश चंद्र मिश्र मुख्य अतिथि रहे तो 90 के दशक में यहाँ पढ़ा चुके तमाम अध्यापक भी इस यादगार मिलन के साक्षी बने। नवोदय विद्यालय से आई.ए.एस. परीक्षा में सफल प्रथम छात्र कृष्ण कुमार यादव भी मौजूद रहे, जो कि वर्तमान में निदेशक डाक सेवाएँ, लखनऊ परिक्षेत्र हैं। इस अवसर पर नवोदय के प्रथम बैच के छात्रों और उनके अध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। नवोदयी विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर शमाँ बाँधा। नवोदय के दिवंगत छात्र छोटेलाल यादव की स्मृति में प्रति वर्ष पाँच हजार रूपये की दो स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा की गई। इस वर्ष यह नेहा मौर्या और सत्यम गुप्ता को प्रदान की गई ।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संस्थापक प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र मिश्र ने कहा कि नवोदय अपने नाम के अनुरूप ही समाज में नव उदय को प्रोत्साहित कर रहा है। पूर्व प्रधानाचार्य आई पी सिंह सेंगर ने कहा कि भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में नवोदय विद्यालयों की अहम भूमिका है। नवोदय विद्यालय हरदोई की प्राचार्या सुमन लता द्विवेदी ने कहा कि नवोदय विद्यालय से निकले विद्यार्थी समाज को ज्यादा अवदान दे रहे हैं।
नवोदय विद्यालय से आई.ए.एस में सफल प्रथम छात्र एवं सम्प्रति निदेशक डाक सेवाएं, लखनऊ परिक्षेत्र कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि देश भर में नवोदय विद्यालय के 28 लाख से अधिक विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर है। राजनीति, प्रशासन, सैन्य सेवाओं से लेकर विभिन्न प्रोफेशनल सेवाओं, बिजनेस और सामाजिक सेवाओं में भी नवोदयी अपना अलग मुकाम बना रहे हैं । कार्यक्रम को बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर सत्यपाल शर्मा, आशुतोष त्रिपाठी, शशिकला यादव, डॉ संतोष शंकर रे ने भी सम्बोधित किया।
Published on:
05 Dec 2019 05:13 pm
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