लखनऊ.नवरात्री में माता का दरबार इस साल सेना के जवानों की बहादुरी को सलाम कर रहा है। पीओके में भारतीय जवानों के सर्जिकल स्ट्राइक और उरी-बारामुला हमले में मारे गए जवानों को याद करते हुए मां का दरबार तिरंगे लाइटिंग से जगमगा रहा है। राजधानी लखनऊ में दुर्गा पूजा आरम्भ हो गया है और शहर के जानकीपुरम स्थित सहारा स्टेट के सद्भावना सांस्कृतिक समिति की ओर से सजे दुर्गा पंडाल भारतीय सेना के जवानों को समर्पित किया गया है।
पंडाल का रूप अयोध्या के कनक बहन जैसा है। इस भवन को बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से असीम मत्या और उनकी टीम ने दो महीने में यह पंडाल तैयार किया। कनक भवन को स्वरुप देने के लिए 30 कारीगरों ने दिन रात मेहनत किया। शहर में ज़ोरदार बारिश के बावजूद कारीगरों ने कनक भवन के ढाँचे में कोई आंच नहीं आने दिया।
पंडाल की खासियत पंडाल की चौड़ाई-100 फ़ीट ऊंचाई-75 फ़ीट गहराई- 65 फ़ीट चार हज़ार बांस 06 हज़ार मीटर कपडे 03 हज़ार थर्माकॉल पीस
बांग्लादेश के कारीगर ने किया मां का सृंगार -बांग्लादेश के कारीगर ने ढाका सजावट कर मां के दरबार को खूबसूरत बनाया -पश्चिम बंगाल के चंदनगर से लाइटिंग मैन असीम मत्या ने भवन की लाइटिंग की जिसमें शहीदों को याद करते हुए तिरंगे रंग की एलईडी लगाई
तृणमूल कांग्रेस के नेता ने किया उद्घाटन पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हैदराजीज सैफई ने पंडाल का फीता काट कर शुभारम्भ किया। इस मौके पर उत्सव के मुख्य आयोजक सौरभ बंदोपाध्याय ने बताया की इस साल दुर्गा पूजा की थीम भारतीय सेना है। पंडाल मंडप को सजाने में पूजा के फूलों का इस्तेमाल किया गया है। कार्यक्रम संयोजक पंकज ने बताया की सहारा स्टेट में लगने वाले दुर्गा पूजा पंडाल में सहारा और सहारा श्री सुब्रतो रॉय का कोई योगदान नहीं।
पंडाल में शुरू हुई पूजा -अर्चना शुक्रवार की सुबह से पंडाल में मां दुर्गा की स्तुति के संग पूजा शुरू हुई। शहर में मां दुर्गा के गीत गाये जाने लगे।