
एनडी तिवारी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम एनडी तिवारी का 92 वर्ष की उम्र में शारदीय नवरात्रि की राम नवमीं पर निधन हो गया है। वह उत्तर प्रदेश के तीन बार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में की जाती है। एनडी तिवारी दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल इलाज के दौरान शारदीय नवरात्रि की राम नवमीं पर भगवान को प्यारे हो गए।
ये रहा तिवारी का सियासी सफर
एनडी तिवारी का अब तक का सबसे लंबा राजनीतिक सफर रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के वक्त तिवारी ने भी आजादी की लड़ाई में भी अपना योगदान दिया। 1942 में वे जेल भी जा चुके हैं खास बात यह थी कि वे नैनीताल जेल में बंद किए थे जहां उनके पिता पूर्णानंद तिवारी पहले से ही बंद थे। आजादी के वक्त तिवारी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे।
जन्मदिन के दिन ही हुआ निधन
नारायण दत्त तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर 1925 में नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ था और आज भी 18 अक्टूबर हैं। वह शारदीय नवरात्रि के राम नवमीं पर भागवान को प्यारे हो गए। जिससे उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में शोक का माहौल बना हुआ हैं। वहीं दूसरी ओर आज राम नवमीं की खुशियां मनाई जा रही है। राम नवमीं पर एनडी तिवारी का निधन होना उनके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है।
लोगों में शोक व्याप्त
राम नवमीं पर खुशियों मनाने वालों को जैसे ही पता चला कि एनडी तिवारी का निधन हो गया है। वैसे ही लोगों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। राम नवमीं पर जो लोग खुश नजर आ रहे थे। वह अब एक दम से उनके शोक में डूब गए हैं।
सोशलिस्ट पार्टी से हुई थी शुरूआत
आजादी के बाद हुए पहले विधानसभा चुनावों में तिवारी ने नैनीताल (उत्तर) से सोशलिस्ट पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के खिलाफ जीत हासिल की थी। तिवारी ने 1963 में कांग्रेस ज्वाइन की थी। तिवारी तीन बार यूपी और एक बार उत्तराखंड की सत्ता संभाल चुके हैं।
Updated on:
18 Oct 2018 06:11 pm
Published on:
18 Oct 2018 05:56 pm

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