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UP में का बा’ गाने वाली नेहा सिंह का दूसरा गाना: नेता जी प्यार लुटावेले ने मचाई हलचल, Twitter पर ट्रोल..

UP Assembly Elections 2022 के दौरान नेहा सिंह राठौर ने एक और गाना गाकर चुनावों में चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इसके पहले उनका गाना 'यूपी में का बा' को लोगों ने काफी पसंद किया था। अब उनके दूसरे video को लेकर माहौल काफी गरम हो गया है। जिस पर नेहा सिंह राठौर ने अपना बयान भी जारी कर दिया है।    

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लखनऊ

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Dinesh Mishra

Feb 10, 2022

File Photo of Neha Singh Rathore

File Photo of Neha Singh Rathore

UP Assembly Elections 2022 में इन दिनों बिहार की नेहा सिंह राठौर की चर्चा खूब हो रही है। जहां 'यूपी में का बा...' गाना गाकर वो रातों रात यूपी में सबके दिलों पर राज करने लगी हैं। एक बार फिर से नए चुनावी गाने को लेकर इस समय धूम मचा रही हैं। खास तौर पर यूपी में पहले चरण की वोटिंग के दिन हर मोबाइल पर ऑनलाइन इस गाने को सुनते हुए देखा जा सकता है।

UP Elections को ध्यान में रखकर गया है गाना

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को केंद्र में रखकर उनका गाना 'चुनाव देख नेता जी प्यार लुटावें लीं, भोली जनता के चूना लगावे लीं...' वायरल हो गया है। नेहा अपने चुनावी गीतों के कारण विवादों में रहती आईं हैं। 'यूपी में का बा' गीत के पहले पार्ट के बाद उन्‍हें इंटरनेट मीडिया पर ट्रोल कर दिया गया था।

नेहा का बयान 'हम ऐसा नहीं करते'

वहीं यूपी की राजनीति पर नेहा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका गीत किसी दल या नेता के खिलाफ नहीं है। इसके बाद उन्‍होंने 'यूपी में का बा' गीत के दौ पार्ट और जारी कर दिए।

जारी किए 'यूपी में का बा...' गाने के तीन पार्ट बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान नेहार सिंह राठौर ने 'बिहार में का बा...' गाकर जबरदस्‍त विवाद खड़ा कर दिया था। उनके गाने के जवाब में भी कई गाने सामने आए थे।

UP Chunav में पहला विवाद 'यूपी में का बा'

इसके बाद यूपी विधानसभा चुनाव के वक्‍त उन्‍होंने 'यूपी में का बा...' गाकर फिर विवाद खड़ा कर दिया है। नेहा ने इस गाने के तीन पार्ट जारी कर दिए हैं, जिनमें लोक बोली के ठेठ अंदाज में सत्‍ता से तीखे सवाल किए गए हैं।

नेहा सिंह राठौर कहती हैं कि चुनावी मौसम में नेता लोग कैसे जनता पर प्यार लुटा कर उसे चूना लगाते हैं। वे शासन-प्रशासन को अपनी अंगुलियों पर नचाते हैं। उनके वादे पूरे नहीं होते। इस गीत के माध्‍यम से नेहा ने नेताओं पर जमकर कटाक्ष किए हैं। मेरा गाना किसी पर केंद्रित नहीं होकर चुनावी माहौल में नेताओं की प्रकृति व प्रवृत्ति पर है।

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