
निर्वाण अस्पताल के संस्थापक और एमडी डॉ एचके अग्रवाल
मनोरोग और नशा-मुक्ति से संबंधित उपचार के लिए राजधानी के रिंग रोड पर स्थित निर्वाण अस्पताल ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल नेशनल एक्रीडिएशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स से मान्यता प्राप्त करने वाला भारत का पहला 100 बिस्तरों वाला अस्पताल बन गया है।
निर्वाण अस्पताल के संस्थापक और एमडी डॉ एचके अग्रवाल ने बताया कि यहां दूरदर्शी नेतृत्व व कुशल मार्गदर्शन में अस्पताल में यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीजों को बेहतर उपचार परिणाम देने के लिए समर्पित, प्रशिक्षित और योग्य चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता हमेशा बनी रहे।
निर्वाण अस्पताल में रोगियों को विभिन्न प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के लिए विशेष देखभाल प्राप्त होती है। एंजायटी, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिप्रेशन, शराब, स्मैक, इन्जेक्शन व नशीली दवाओं की लत, ऑटिज्म, डिमेंशिया, पर्सनेलिटी डिसऑर्डर, ईटिंग डिसऑर्डर, ओसीडी, स्कीजोफ़्रेनिया , एपिलेप्सी व पुराने दर्द के लिए अस्पताल के डॉक्टरों, मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं की विशेषज्ञ टीम व्यापक उपचार व समाधान प्रदान करती है।
क्या कहना है निर्वाण अस्पताल के निदेशक का
निर्वाण अस्पताल के निदेशक डॉ प्रांजल अग्रवाल ने पत्रिका को बताया कि हर मरीज की उसके रोग के हिसाब से अपनी जरूरतें होती हैं। हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीज की जरूरतों के हिसाब से इलाज व समाधान प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में महिलाओं के लिए अलग वार्ड बना हुआ है। निर्वाण अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाले कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना की गई है, जो चौबीसों घण्टे कड़ी निगरानी बनाए रखता है।
क्या है एनएबीएच मान्यता, जानें
एनएबीएच मान्यता विशेष रूप से केवल उस अस्पताल को दी जाती है, जो उत्कृष्ट उपचार प्रदान करता है। यह मान्यता इस बात का परिचायक है कि निर्वाण अस्पताल सुरक्षित वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य और व्यसन के उपचार के लिए उत्कृष्ट देखभाल देने के लिए समर्पित है। यह सर्टिफिकेशन इस बात की पुष्टि करता है कि निर्वाण अस्पताल में मरीजों को एक बेहद सुरक्षित व संरक्षित वातावरण में देखभाल प्रदान किया जाता है।
Published on:
01 Jun 2023 06:45 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
