
army recruitment policy. कोरोना वायरस के चलते पिछले दो वर्षों से बंद सेना की भर्ती फिर शुरू करने की तैयारी हो गई है। हालांकि, इस बार एक नई नीति के तहत भर्ती की बात कही जा रही है। इस नीति के तहत अधिकारी से नीचे के पदों पर अल्प अवधि के लिए सेना में भर्ती की जाएगी। इस नीति के तहत भर्ती किए जानें वाले जवानों का कार्यकाल 6 महीने के प्रशिक्षण समेत कुल 4 वर्ष का हो सकता है। बताया जा रहा है कि नई नीति के तहत भर्ती होने वाले जवानों को सेना छोड़ते समय कुछ लाख रुपए का एकमुश्त पैकेज दिया जाएगा। कुछ जवानों को 4 साल पूरा होने के बाद दोबारा स्क्रीनिंग के जरिए नियमित करने की भी योजना भी है।
शुरू हई कवायद
army recruitment policy. इस वर्ष अगस्त से दिसंबर के बीच देश के अलग-अलग इलाकों में सेना भर्ती के लिए रैलियां आयोजित होंगी। इस बारे में क्षेत्रीय सेन कमांडो को पत्र भेजा जा चुका है। बड़े स्तर पर होने वाली भर्तियों के लिए स्क्रीनिंग बोर्ड और मेडिकल अफसरों की तैनाती के आदेश भी दिए गए हैं। भर्ती की तैयारियों के साथ आवेदन प्रक्रिया का खाका भी बन गया है। 45 दिन पहले उम्मीदवारों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
कोरोना वायरस से बंद है भर्ती
मार्च 2020 में कोरोना वायरस की शुरुआत से पहले देश में अप्रैल से 30 दिसंबर और 1 अक्टूबर से 31 मार्च के बीच भर्ती रैलियों का आयोजन होता था। महामारी शुरू होने के बाद इन रैलियों का आयोजन बंद कर दिया गया था। कोरोनावायरस में सुधार और देश में कामकाज सामान्य होने के बाद भी सेना में भर्ती नहीं होने को लेकर युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। नए सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही थी।
यूपी के नौवजवानों को था इंतजार
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में नौजवानों को पिछले लंबे समय से सेना भर्ती का इंतजार है। ऐसे में अब जब सेना भर्ती के लिए रास्ते एक बार फिर से खुल गए हैं तो उत्तर प्रदेश के युवाओं में उत्साह का माहौल है बताते चलें उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले हैं जहां पर बड़े पैमाने से युवा सेना में जाते हैं सेना में जाने के लिए आयोजित होने वाली भर्ती प्रक्रिया के रुकने के बाद छात्रों व युवाओं में निराशा थी। अब जब एक बार फिर से नई नीति के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी तो छात्रों में उत्साह है।
Published on:
29 May 2022 01:05 pm
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