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डॉ. वाईएस सचान की मौत पर अर्जी सुनेगा सुप्रीम कोर्ट, NRHM घोटाले की फिर खुलेंगी परतें

YS Sachan: यूपी में परिवार कल्याण विभाग के डिप्टी सीएमओ रहे डॉ. वाईएस सचान की लखनऊ जेल में हुई संदिग्ध हालात में मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मायावती सरकार के दौरान हुए एनआरएचएम (NRHM) घोटाले में डॉ. वाईएस सचान आरोपी थे। इस प्रकरण में 12 साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहीं डॉ. सचान की पत्नी मालती सचान सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं।

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लखनऊ

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Aman Pandey

Aug 24, 2023

NRHM case Supreme Court

डॉ. वाईएस सचान की पर अर्जी सुनेगा सुप्रीम कोर्ट

YS Sachan: परिवार कल्याण विभाग के डिप्टी सीएमओ रहे डॉ. वाईएस सचान की लखनऊ जेल में हुई संदिग्ध हालात में मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। डॉ. वाईएस सचान की पत्नी ने उत्तर प्रदेश के इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मालती सचान की विशेष अनुमति याचिका को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनने योग्य माना है। इस मामले में जल्द ही सभी विपक्षियों को नोटिस भेजा जाएगा।

डॉ. सचान की जेल में हुई थी मौत

एनआरएचएम घोटाले में गोसाईगंज जेल में बंद डॉ. सचान की 22 जून 2011 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उस वक्त बताया गया था कि डॉक्टर सचान ने जेल की पहली मंजिल में बने एक टॉयलेट में आत्महत्या कर ली है। डॉ. सचान पर बहुचर्चित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले और सीएमओ डॉक्टर बीपी सिंह हत्याकांड मामले का आरोप लगा था।

डॉ. सचान पहले गबन के आरोप में गिरफ्तार किए गए थे। बाद में पुलिस ने उन पर सीएमओ डॉ. बीपी सिंह और डॉक्टर विनोद आर्य की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का भी आरोप लगाया था। कहा जाता है कि अपनी मौत के दिन से एक दिन बाद ही डॉ. सचान को अदालत में बयान देना था। चर्चाएं थीं कि वह ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन घोटाले और सीएमओ हत्याकांड मामले में अदालत में कुछ बड़े पर्दाफाश कर सकते थे।

डॉ. सचान की मौत की हुई थी न्यायिक जांच

डॉ. सचान की मौत की न्यायिक जांच हुई थी। 11 जुलाई 2011 को न्यायिक जांच रिपोर्ट में डॉ. सचान की मौत को हत्या करार दिया गया। मामले की सीबीआई जांच के आदेश हुए। मालती ने सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट के जरिये प्रोटेस्ट अर्जी को चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की अर्जी

19 नवंबर 2019 को विशेष अदालत ने इसे खारिज कर मालती की अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज किया था। एक साल पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने डॉ. सचान की मौत को हत्या व साजिश माना था। इसके बाद तत्कालीन अफसरों को तलब किया। इसके खिलाफ तत्कालीन अफसर हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने अफसरों को तलब करने पर रोक लगाने के साथ ही सीबीआई के आदेश को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ डॉ. सचान की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी, जिसे मंगलवार को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

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