
Rajbhar
लखनऊ. पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए के लिए मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के नार्कों टेस्ट की मांग रखी हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति में आरक्षण का लाभ कुछ चुनिंदा जातियों ने ले लिया है। यह बात हाईकोर्ट ने भी मानी है, इसलिए अब उन वर्गों को लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार लोगों के खून में है। अगर भ्रष्टाचार को खत्म करना है तो सबसे पहले नेताओं का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। इससे कालाधन भी बाहर आ आएगा। वे यहीं नहीं रुके और कहा कि कालाधन नेताओं और उद्यमियों के पास है और दोनों का आपस में तालमेल है।
पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नार्को टेस्ट हो तो वे सबसे पहले अपना टेस्ट कराएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद परिस्थितियां बदली हैं। थानों में पहले मुकदमे दर्ज नहीं होते थे, कार्रवाई नहीं होती थी, अब होने लगी है।
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उनका यह भी मानना है कि आरक्षण आर्थिक आधार पर कर दिया जाना चाहिए। वे प्रयास कर रहे हैं कि दिव्यांगों को उनके आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्र स्थानीय जनप्रतिनिधि ही दे सकें। इसके लिए शासन में वे प्रस्ताव रख रहे हैं। जल्द ही इस पर अमल हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति में आरक्षण का लाभ कुछ चुनिंदा जातियों ने ले लिया है। यह बात हाईकोर्ट ने भी मानी है, इसलिए अब उन वर्गों को लाभ मिलना चाहिए, जिन्हें अब तक नहीं मिल पाया। इसलिए अति पिछड़ों का अलग वर्ग बनाया जाना चाहिए। इसके लिए वे केंद्र और राज्य सरकार से लगातार वार्ता कर रहे हैं।
Published on:
03 Sept 2017 10:39 am

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