
Online Satta
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब ऑनलाइन (Online Satta) जुआ खेलना गैर जमानती अपराध होगा। जुए और सट्टे (Satta) के अलग-अलग रूपों के लिए अधिनियम का प्रारूप तैयार हो गया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को इसे सौंप दिया गया है। अधिनियम के तहत अब घर, वाहन या किसी जगह पर गैंबलिंग (Gambling) पकड़ी गयी तो अधिकतम तीन साल की सजा होगी। मुर्गा, बुलबुल या बैल की लड़ाई पर पैसा लगाने वाले भी अब जेल जाएंगे। साथ ही जुर्म साबित न होने तक उन्हें जमानत नहीं मिलेगी। दरअसल राज्य विधि आयोग ने अंग्रेजों के जमाने में बने सार्वजनिक जुआ अधिनियम को कठोर बना दिया है। कई राज्यों के कानूनों का अध्ययन करने के बाद आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए एन मित्तल की अगुवाई में यूपी सार्वजनिक द्यूत (निवारण) विधेयक का प्रारूप तैयार किया है। जल्द ही इसे कानून की शक्ल दी जा सकती है। इसके लिए आयोग ने कई राज्यों के कानूनों के साथ सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कई बड़े फैसलों का अध्ययन किया है व प्रदेश की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूपी सार्वजनिक द्यूत (निवारण) विधेयक का प्रारूप तैयार किया है।
बढ़ाई गई सजा व जुर्माने की रकम-
जुआ खेलने वालों के लिए सजा बढ़ा दी गई है, साथ ही जुर्माने की रकम में इजाफा किया गया है। अधिनियम के प्रारूप में अब सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते पकड़े जाने एक साल की सजा व पांच हजार रुपए जुर्माना तय किया गया है। अभी तक केवल तीन माह की सजा और 50 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। यही नहीं, आयोग ने ऑनलाइन गैंबलिंग, जुआ घर के संचालन और सट्टे को अब गैरजमानती अपराध की श्रेणी में ला दिया है, जिसमें तीन साल तक की सजा की संस्तुति की गई है।
क्रिकेट मैच में सट्टा लगाने पर यह होगा बदलाव-
क्रिकेट मैचों में करोड़ों रुपए का सट्टा लगवाने वालों पर अब और तेजी से कानूनी शिकंजा कसेगा। पहले पुलिस इनके खिलाफ आइपीसी की धाराओं का सहारा लेती थी, लेकिन अब उन्हें ऐसा नहीं करना पड़ेगा। आयोग के मसौदे के अनुसार, अगर कहीं जुआ घर या किसी परिसर में सट्टे का संचालन होता दिखा, तो माना जाएगा कि वहां बरामद रकम जुआ से संबंधित ही है और वहां मौजूद सभी लोग जुआ खेल रहे थे।
इन्हें मिलेगी छूट-
हालांकि जो केवल रीति-रिवाज व मनोरंजन के लिए ताश खेलते हैं और उसमें यदि कोई बाहरी व्यक्ति शामिल नहीं है, जो वह दंडनीय नहीं होगा। गेम आफ स्किल के तहत खेले जाने वाले ताश के खेल भी दंडनीय नहीं होंगे। हां, कट पत्ता व तीन पत्ती जैसे खेल, जिनमें बाजी लगाने वाला पूरी तरह से एक मौके अथवा चांस पर निर्भर होता है, वह दंडनीय अपराध की श्रेणी में होगा।
Updated on:
04 Aug 2021 05:12 pm
Published on:
16 Jun 2021 04:25 pm
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