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Exclusive: PM Modi के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए यूपी के केवल दो यूनिवर्सिटी कर पाएंगे एप्लाई!

पिछले दिनों पीएम मोदी ने कहा था कि देश के टॉप 20 विश्वविद्यालयों को 10 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देगी।

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लखनऊ. पिछले दिनों पटना विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष समारोह के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे पीएम मोदी ने कहा था कि थर्ड पार्टी की तरफ से चुने गए देश के टॉप 20 विश्वविद्यालयों को 10 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इसके अलावा उन्हें सरकारी बंधनों से आजाद करते हुए विश्व स्तरीय बनाया जाएगा। इसमें टॉप 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और टॉप 10 सरकारी यूनिवर्सिटी शामिल होंगे। यूजीसी ने इसके लिए एक प्रोफार्मा जारी कर दिया है जिसमें एनआईआरएफ(नेशनल इंस्टिट्यूश्नल रैंकिंग फ्रेमवर्क) की रैकिंग भी मांगी गई है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो केवल टॉप 50 एनआईआरएफ रैकिंग वाले संस्थान ही इसके लिए एप्लाई कर सकते हैं। ऐसे में पूरे यूपी से केवल दो विश्वविद्यालय ही इसके लिए एप्लाई कर सकेंगे।

एनआईआरएफ रैकिंग में टॉप 50 में यूपी के दो संस्थान

यूजीसी की ओर से जो प्रोफार्मा वेबसाइट पर अपलोड किया गया है उसमें संस्थानों को एनआईआरएफ रैकिंग भी लिखनी होगी। एनआईआरफ की ओर से जारी टॉप 200 यूनिवर्सिटीज़ की लिस्ट में यूपी के केवल 11 विश्वविद्यालय शामिल हैं। वहीं इस रैकिंग के टॉप 50 में केवल बीएचयू और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को जगह मिली थी। बीएचयू को तीसरी रैंक तो वहीं एमएयू 11वीं रैंक है। ऐसे में यूपी के केवल दो विश्वविद्यालय ही इंस्टिट्यूशन ऑफ इमिनेंस के लिए एप्लाई कर पाएंगे।

ये है एनआईआरएफ की रैकिंग की लिस्ट

क्या बोला था पीएम ने-

पटना विश्वविद्यालय शताब्दी वर्ष समारोह में पीएम मोदी ने IIM का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नई योजना की तहत देशभर के 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और 10 पब्लिक यूनिवर्सिटी को वर्ल्ड स्टैंडर्ड बनाने के लिए सरकार के कानूनों से मुक्ति देने की योजना है। आने वाले पांच साल में इन यूनिवर्सिटी 10 हजार करोड़ रुपये फंड के रूप मेें देने की योजना है। हालांकि इसमें शामिल होने के लिए प्रफेशनल एजेंसियों की मदद से होने वाले टेस्ट में अव्वल आना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि इसके लिए प्रदर्शन ही एकमात्र आधार होगा।

एलयू वीसी से हुई चूक

लखनऊ स्थित कोई भी उच्च शिक्षण संस्थान इस योजना में शामिल नहीं हो पाएगा। यहां तक की पीएम मोदी ने जिस यूनिवर्सिटी (पटना विश्वविद्यालय) में ये घोषणा की थी, वही विश्वविद्यालय एनआईआरएफ की रैकिंग में टॉप 50 में नहीं है। लखनऊ यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एसपी ने एक हिंदी अखबार से कहा था कि उनकी कोशिश है कि एलयू को टॉप 20 यूनिवर्सिटी में जगह मिले। जबकि यूपी में बीएचयू और एएमयू के अलावा कोई इस योजना का लाभ उठाने के लिए अब एप्लाई ही नहीं कर पाएगा। एलयू तो इस रैकिंग लिस्ट में शामिल ही नहीं है। एलयू के प्रवक्ता एनके पांडे ने भी इसकी पुष्टी की।

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