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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है।

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लखनऊ

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Laxmi Narayan

Sep 16, 2017

 petrol diesel price hike

लखनऊ. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जीशान हैदर ने कहा कि अच्छे दिनों का सपना दिखाने वाली भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की इन जन विरोधी नीतियों एवं पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस एवं मिट्टी के तेल के मूल्य में भारी वृद्धि से रोजमर्रा उपयोग की सभी आवश्यक वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय मंत्री के जे अलफॉन्स द्वारा पेट्रोल की कीमतों की लगातार वृद्धि को जायज ठहराना भाजपा की गरीब विरोधी सोच को उजागर करता है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के निर्देशानुसार पर 18 सितम्बर को प्रदेश के समस्त जिलों और शहरों की कांग्रेस कमेटियां पेट्रोल, डीजल के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों को वापस लिये जाने की मांग करेंगे।

वहीँ दूसरी ओर राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल दुबे ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर पूंजीपतियों का हिमायती होने का आरोप लगाते हुये कहा कि केेन्द्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पिछले तीन वर्षों से आधी होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर कम्पनियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। रालोद प्रवक्ता ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी दरअसल भाजपा सरकार की अपनी चाल है क्योंकि पिछली सरकार के कार्यकाल में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 135 डालर प्रति बैरल होने के बावजूद पेट्रोल की कीमत 64 रूपये थी और अब 55 से 60 डालर प्रति बैरल होने के बावजूद पेट्रोल की कीमत 73 रूपये है।

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