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दीक्षांत समारोह में सीएम ने डाक्टरों को दी नसीहत, कहा – दिमागी बुखार से बच्चों को बचाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर और पूर्वांचल में जिस पैमाने पर दिमागी बुखार से लोगों की मौत हुई है, यदि डाक्टर चाहते तो उन मौतों को रोका जा सकता था।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan

Sep 16, 2017

Lucknow Health News

लखनऊ. संजय गांधी पोस्ट ग्रेज्युएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्रयोगी आदित्यनाथ ने डाक्टरों, मेडिकल संस्थानों और मेडिकल के क्षेत्र में शोध कर रहे शोधार्थियों को अपना वैद्य धर्म निभाने की नसीहत दी। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर और पूर्वांचल में जिस पैमाने पर दिमागी बुखार से लोगों की मौत हुई है, यदि डाक्टर चाहते तो उन मौतों को रोका जा सकता था। इस बीमारी की रोकथाम के लिए शोध किया जा सकता था, लेकिन इस बीमारी को लेकर जो प्रयास होने चाहिए थे, वे नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने पीजीआई के दीक्षांत समारोह में डाक्टरों का और संस्थान का इस बात के लिए आवाहन किया कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूर्वांचल की इस बीमारी को खत्म करने का बीड़ा उठाये। इसके लिए सरकार से जिस तरह के मदद की जरूरत होगी, सरकार करेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि पीजीआई में नर्सिंग के विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं किया गया है। इस सम्बन्ध में उन्होंने पीजीआई निदेशक से बात की तो उन्हें बताया गया कि प्रवेश के नियम बदल जाने के कारण उनके इन विद्यार्थियों का सत्र कुछ देरी से शुरू हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पूरक दीक्षांत समारोह आयोजित कराकर नर्सिंग के विद्यार्थियों को डिग्री दी जाए। साथ ही इस बार उन्हें ऐसी डिग्री दी जाये जिस पर उनकी फोटो लगी हो।

कार्यक्रम में पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर राकेश कपूर ने संस्थान की उपलब्धियाँ बताई। इस मौके पर 87 विद्यार्थियों को एमडी, डीएम, एमसीएच और पीएचडी की उपाधियाँ दी गई। समारोह में प्रोफेसर राम नाथ मिश्रा को प्रोफेसर एस आर नायक पुरस्कार से सम्मानित किया गया जबकि प्रोफेसर आर के शर्मा अवार्ड से मेडिकल स्टूडेंट्स डॉ सनद भारत पाठक और डॉ प्रियंक यादव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, कृषि उत्पादन आयुक्त आर पी सिंह, अपर निदेशक जयंत निर्लेकर सहित संस्थान के शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी व अन्य लोग मौजूद रहे।