
कोरोना संकट के बीच बढ़ी ऑक्सीजन की किल्लत, अचानक सिलेंडर के दाम हुए दोगुना, जानें नई कीमतें
लखनऊ. प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड एकाएक चार गुना बढ़ गयी है। इससे सिलेंडर की शार्टेज हो गई है। पहले जहां हर दिन 40 टन ऑक्सीजन की खपत थी अब वह बढ़कर 160 टन तक पहुंच गई है। इसकी वजह कोरोना के बढ़ते मरीजों के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा लेवल टू और थ्री के अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाना है। लेकिन, इसकी तुलना में ऑक्सीजन का पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सका।
डिमांड बढऩे पर ऑक्सीजन प्लांट को कच्चा माल देने वाली कंपनियों ने लिक्विड ऑक्सीजन की प्रति क्यूबिक मीटर कीमत में करीब ढाई गुने की बढ़ोतरी कर दी। जिससे ऑक्सीजन सिलेंडर के दाम में भी जबरदस्त उछाल आया है। छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर 160 रुपये और बड़ा 450 रुपये तक में मिल रहा है।
इस तरह बढ़े दाम
करीब एक महीने पहले 1.5 क्यूबिक मीटर का ऑक्सीजन का छोटा सिलेंडर 80 रुपये में मिलता था। अब वह 150 रुपये से 160 रुपये में मिल रहा है। सात क्यूबिक मीटर का बड़ा ऑक्सीजन सिलेंडर 200 रुपये तक में था, अब वह 450 रुपये तक मिल रहा है। होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे मरीजों को छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए छह हजार रुपए तक सिक्योरिटी मनी देनी पड़ रही है, जबकि बड़े सिलेंडर की सिक्योरिटी मनी 10 हजार रुपये है। प्राइवेट अस्पतालों में अभी तक सामान्य वार्ड में भर्ती मरीज से 24 घंटे ऑक्सीजन सपोर्ट का 1600 रुपये लिया जा रहा था, अब इसे बढ़ाकर 3200 रुपये तक कर दिया गया है। वहीं आइसीयू में 24 घंटे ऑक्सीजन सपोर्ट का 2400 रुपये से बढ़ाकर 4800 रुपये तक वसूला जा रहा है।
पांच नए प्लांट को मंजूरी
इस बीच ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने के लिए सरकार ने पांच नए ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी है। साथ ही सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को ऑक्सीजन प्लांट में सिलेंडर की गणना करने और पहले अस्पतालों को आक्सीजन सप्लाई कराने के कड़े निर्देश दिये हैं। इसी के साथ मोदी नगर में एक तरल ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है।
Published on:
18 Sept 2020 03:53 pm
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