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नरेश अग्रवाल के विवादित बयान पर पंखुड़ी पाठक ने कहा, अखिलेश जी के सामने उनकी हिम्मत नहीं थी..

जब अखिलेश यादव से पूछा - आप कितनी बार महिला आयोग गए..

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Mar 13, 2018

Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav

लखनऊ. भाजपा के नवनिर्वाचित सदस्य नरेश अग्रवाल ने सपा से राज्यसभा सदस्य जया बच्चन पर अमर्यादित टिप्पड़ी कर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। हालांकि उन्होंने एक बयान जारी कर मामले पर खेद प्रकट किया है, लेकिन अब भी लोग उनपर निशाना साधने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसी बीच सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी जया बच्चन के अपमान को भारत की हर महिला का अपमान करार देते हुए भाजपा व महिला आयोग से कार्रवाई करने के लिए कहा है, लेकिन यहां पर उनसे सोशल मीडिया पर एक सोशलाइट असमर्थ दिखा और पूछा कि आप कितनी बार महिला आयोग गए। इस पर सपा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने उन्हें ठीक से हैंडल किया और करार जवाब दिया।

अखिलेश ने की थी नरेश अग्रवाल के बयान की निंदा-

अखिलेश यादव ने नरेश अग्रवाल द्वारा जया बच्चन को नाचने वाली कहे जाने की निंदा की थी और कहा था कि जया बच्चन जी पर की गयी अभद्र टिप्पणी के लिए हम भाजपा के नरेश अग्रवाल के बयान की कड़ी निंदा करते है। ये फिल्म जगत के साथ ही भारत की हर महिला का भी अपमान है। भाजपा अगर सच में नारी का सम्मान करती है तो तत्काल उनके ख़िलाफ कदम उठाए। महिला आयोग को भी कार्रवाई करनी चाहिए।

एक अलोचल के अखिलेश से किए सवाल-

सपा अध्य्क्ष के उक्त बयान पर एक अलोचल ने उनसे सवाल करते हुए लिखा- "प्रिय भाई अखिलेश, अभी परसों तक वे आपके अपने थे। औरतों के प्रति अभद्र टिप्पणी आपकी पार्टी के मंच से करते थे। उनकी तब की अनुपम कृतियों के लिए आप कितनी बार महिला आयोग गए ? जो #MisogynistNaresh ने किया और जो वो करते आए हैं, दोनो शर्मनाक है।"

पंखुड़ी ने दिया करारा जवाब-

समाजावादी पार्टी की युवा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने इस अलोचक द्वारा उठाए गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि नरेश अग्रवाल में सपा में रहते इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह ऐसी टिप्पणी अखिलेश यादव के सामने कर दें। उन्होंने जवाब में लिखा, "इसमें थोड़ा सा सुधार, टिप्पणी वह पार्टी के मंच से नहीं, बाहर और कई बार संसद में करते थे, जिसका कभी भी समर्थन हमने नहीं किया। लेकिन इतनी हिम्मत उनकी सपा में नहीं थी कि ऐसी टिप्पणी राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के सामने कर दें। लेकिन party with a difference के मंच पर ऐसी अमर्यादित बातें होना आम है।"