
पहले भी रह चुका है धाकड़ IPS अजय पाल शर्मा का विवादों से नाता! फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
IPS Officer Ajay Pal Sharma Latest News: पश्चिम बंगाल में मतदान से एक दिन पहले एक वायरल वीडियो ने सियासी माहौल गरमा दिया। इस वीडियो में यूपी कैडर के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा (Ajay Pal Sharma) जो बंगाल चुनाव में पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात हैं, TMC उम्मीदवार को सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आए। इस वीडियो के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम बताया।
वीडियो सामने आने के बाद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) समेत TMC के कई नेताओं ने अजय पाल शर्मा को घेर लिया। पार्टी प्रवक्ताओं ने उनके पिछले विवादों को उठाते हुए उनके आचरण पर सवाल खड़े किए और उनकी भूमिका पर पुनर्विचार की मांग की।
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो वीडियो शेयर कर अजय पाल शर्मा पर तंज कसा। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “फेयर एंड लवली बाबुआ @DripsAjaypal… आपको फेंटा कॉप स्टाइल में मस्ती करते देखकर अच्छा लगा। थंडा-थंडा कूल-कूल रहिए। बंगाल हमेशा तृणमूल है।” उनकी पोस्ट ने इस पूरे विवाद को सोशल मीडिया पर और चर्चा में ला दिया।
IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है। पिछले कई वर्षों में वे अलग-अलग मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। 2019 में गौतम बुद्ध नगर में कथित ‘कैश फॉर पोस्टिंग’ मामले में उनका नाम सामने आया था, जब तत्कालीन SSP वैभव कृष्णा (Vaibhav Krishna) की रिपोर्ट में कई अधिकारियों के साथ उनका जिक्र हुआ। इस मामले में जांच के लिए SIT भी गठित की गई थी और आगे कार्रवाई की सिफारिशें हुई थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में अजय पाल शर्मा के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी। इसी प्रकरण में कुछ पत्रकारों के नाम भी सामने आए थे। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी थी।
अजय पाल शर्मा एक कथित वैवाहिक विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे। एक महिला ने खुद को उनकी पत्नी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे और पद के दुरुपयोग की शिकायत की थी। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए और मामला काफी समय तक सुर्खियों में बना रहा।
अजय पाल शर्मा को अक्सर ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में भी देखा जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान कई एनकाउंटर हुए, जिनमें उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया। रामपुर में एक चर्चित केस के दौरान आरोपी को मुठभेड़ में घायल किए जाने के बाद उनकी काफी सराहना भी हुई, हालांकि बाद में इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी उठे।
रामपुर में तैनाती के दौरान समाजवादी पार्टी नेता आजम खान (Azam Khan) और उनके परिवार के खिलाफ बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हुए। जमीन कब्जाने, फर्जी दस्तावेज और अन्य गंभीर आरोपों में कार्रवाई के चलते अजय पाल शर्मा का नाम राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से उभरा।
चुनाव के दौरान पुलिस ऑब्जर्वर की भूमिका बेहद अहम होती है। चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त ये अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान जैसे कार्यों की निगरानी करते हैं। इनका काम प्रशासन और आम जनता के बीच समन्वय स्थापित करना होता है, ताकि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।
अजय पाल शर्मा के वायरल वीडियो को लेकर यही सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या इस तरह की सख्त बयानबाजी एक पुलिस ऑब्जर्वर के अधिकार क्षेत्र में आती है? विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का व्यवहार उनकी भूमिका से परे माना जा सकता है, क्योंकि उनका काम निष्पक्ष निगरानी करना है, न कि सीधे हस्तक्षेप करना।
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Updated on:
30 Apr 2026 01:53 pm
Published on:
30 Apr 2026 01:52 pm
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