
UP Governor suggested for double income formula for farmers
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मध्य कमान स्थित स्मृतिका जाकर कारगिल के शहीदों को अपनी आदराजंलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री हेमन्त राव, विशेष सचिव डाॅ अशोक चन्द्र, ले.ज. अनूप बनर्जी, कमाण्डेन्ट एएमसी सेन्टर, मेजर जनरल प्रवेश पुरी, जीओसी मध्य यूपी सब-एरिया सहित सेना के जवान उपस्थित थे।
कारगिल के शहीदों ने देश का गौरव बढ़ाया
राज्यपाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि देश को सेना पर नाज है। कारगिल के शहीदों ने देश का गौरव बढ़ाया है। भारतीय सेना हमारे देश का गर्व है। पूरा राष्ट्र सैनिकों को एक आदर्श के रूप में देखता है। बलिदान का सिलसिला देश की आजादी से प्रारम्भ हुआ था। हमारे सैनिक देश की सरहदों की रक्षा के लिये आज भी अपने प्राण न्यौछावर कर रहे हैं। भारतीय समाज सैनिकों का ऋणी है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं में राष्ट्र भक्ति एवं देश की गौरवगाथा का बोध कराने के लिये समस्त विश्वविद्यालय में देश के 21 परमवीर चक्र विजेताओं के चित्र लगाये जायेंगे। राज्यपाल ने यह निर्णय ‘विद्या वीरता अभियान’ के अध्यक्ष श्री तरूण विजय के सुझाव पर लिया है।
श्री नाईक ने कहा कि कारगिल युद्ध को 19 वर्ष बीत गये हैं। सैनिकों के पराक्रम से देश को विजय मिली है। अनेक सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया, तब हमें जीत मिली है। ऐसे शूरवीरों को श्रद्धांजलि देना हर व्यक्ति का दायित्व है। शहीद होने वाले सैनिकों के परिजनों को यह विश्वास दिलाने की जरूरत है कि सरकार के साथ-साथ देश का हर नागरिक उनके साथ है। राज्यपाल ने बताया कि कारगिल में 439 शहीद सैनिकों के परिजनों को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहते हुए उनके द्वारा पेट्रोल पम्प अथवा गैस एजेन्सी उनके भरण-पोषण के लिये दिये गये थे। उन्होंने कहा कि उनका यह निर्णय आज भी समाधान देता है कि वे शहीद परिवारों के लिये कुछ कर सके।
कारगिल की विजय अनेक सैनिकों की शहादत के बदले में मिली
राज्यपाल ने कहा कि कारगिल की विजय हमें अनेक सैनिकों की शहादत के बदले में मिली है। हमें अपने शहीदों को सदैव स्मरण करना चाहिए। छत्रपति शिवाजी को याद करते हुए उन्होंने बताया कि शिवाजी की माता जीजाबाई की इच्छा थी कि कोण्डाना किला छत्रपति शिवाजी के पास होना चाहिए। शिवाजी की सेना के सरदार तानाजी अपने पुत्र के विवाह का निमंत्रण देने आये थे। माता जीजाबाई की इच्छा को जानकर उन्होंने कहा कि पहले कोण्डाना जीतेंगे बाद में शादी होगी। युद्ध में तानाजी शहीद हुए तो शिवाजी ने कोण्डाना किले का नाम सिंहगढ़ रखते हुए कहा कि ‘गढ़ आला पण सिंह गेला’ अर्थात, ‘गढ़ तो जीत लिया पर सिंह चला गया’। उन्होंने कहा कि देश पर शहीद होने वाला सैनिक हमारे लिये बहुत महत्व रखता है।
नाईक ने स्मृतिका स्थित प्रदेश के तीन परमवीर चक्र विजेता नायक जदुनाथ सिंह, हवलदार अब्दुल हमीद तथा कारगिल शहीद कैप्टन मनोज पाण्डेय के भित्ती चित्रों पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
Published on:
26 Jul 2018 08:39 pm

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