27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम मोदी ने खुद संभाली यूपी की कमान, जुलाई में ताबतोड़ करेंगे जनसभाएं व शिलान्यास

जुलाई में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ दौरे करेंगे, ये है शेड्यूल...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Hariom Dwivedi

•

Updated: 11 Jul 2018, 4:40 PM IST

Narendra Modi

पीएम मोदी ने खुद संभाली यूपी की कमान, जुलाई में ताबतोड़ करेंगे जनसभाएं व शिलान्यास

लखनऊ. लोकसभा चुनाव में अभी करीब 8-9 महीने का वक्त बचा है, लेकिन सभी दल पूरी तरह से चुनावी मूड में आ गये हैं। खासकर बीजेपी ने तो उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल बनाना भी शुरू कर दिया है। जुलाई में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ दौरे करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री जहां कई योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे, वहीं जनता से फीडबैक लेने की कोशिश भी करेंगे। सक्रिय पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे।

गोरखपुर-फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर में उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी पूरी तरह से फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। यूपी सभी दलों के लिये अहम है। इसलिये हर कोई यहां से बड़ी जीत हासिल करना चाहता है। 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह बीजेपी मोदी लहर के सहारे 2019 में चुनावी नैया पार करना चाहती है। इसके लिये प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ जनसभाएं करेंगे।

पीएम मोदी के कार्यक्रम
प्रधानमंत्री 14 जुलाई को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कई योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे, वहीं एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। फिर मिर्जापुर जाएंगे, जहां वह कई योजनाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। 21 जुलाई को पीएम मोदी शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को वह लखनऊ में शहरी विकास मंत्रालय के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यहां वह जनता से सीधा संवाद करेंगे।

अगस्त में होगा मंत्रिमंडल विस्तार
प्रधानमंत्री के यूपी में ताबड़तोड़ दौरों को देखते हुए इस महीने होने वाला योगी मंत्रिमंडल का विस्तार अभी टल गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष की सहमति के बाद ही मंत्रियों की फाइनल लिस्ट तैयार होगी। इस फेरबदल के जरिये जातीय और सामाजिक समीकरण साधने की पूरी कोशिश होगी। योगी मंत्रिमंडल विस्तार में कई पुराने मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं, जबकि कई नये चेहरे यूपी कैबिनेट में शामिल किये जा सकते हैं।