
उप्र डिस्कॉम के निजीकरण का विरोध, देशभर के 15 लाख कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को बिजली विभाग के 15 लाख कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी बिजली कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र ने निजीकरण के प्रस्ताव के फैसले को वापस नहीं लिया तो अनिश्चितकाल के लिए काम का बहिष्कार किया जाएगा और हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। इससे पहले विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक अवधेश कुमार ने निजीकरण के विरोध में हड़ताल की चेतावनी दी थी।
निजीकरण से महंगी होगी बिजली
अवधेश कुमार ने कहा कि यह निजीकरण जनता के खिलाफ है, इससे बिजली महंगी हो जाएगी। इससे जनता की जेब पर असर पड़ेगा। इस बीच गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने कहा कि किसी भी कीमत पर बिजली की 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
यहां असफल रहा निजीकरण
हड़ताल करने वाले कर्मचारियों में जूनियर इंजीनियर, उप-विभागीय अधिकारी, कार्यकारी इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता शामिल हैं। वहीं, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक अवधेश कुमार कहा कि देश के अन्य स्थानों, जैसे ओडिशा, दिल्ली, औरंगाबाद, नागपुर, जलगांव, उज्जैन, ग्वालियर, भागलपुर, गया और मुजफ्फरपुर में बिजली क्षेत्र का निजीकरण असफल रहा है।
Updated on:
05 Oct 2020 06:04 pm
Published on:
05 Oct 2020 06:04 pm
