
उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने पर मुस्लिम लीग के संयुक्त सचिव का कहना है कि यह मुसलमानों के मामले में छेड़छाड़ है। इसके जरिए मुसलमानों पर हिंदू लॉ थोपने की तैयारी चल रही है। यह इस्लाम के खिलाफ है। यूसीसी देश के लिए अच्छा नहीं है। मुस्लिम लीग शुरू से ही इसका विरोध करता आ रहा है।
मीडिया से बातचीत में मुस्लिम लीग के संयुक्त सचिव मौलाना कौसर हयात खान ने कहा कि यूसीसी के जरिए मुसलमानों के मामलों में दखल देकर हिन्दू लॉ थोपने चाहते हैं। जबरदस्ती का यह तरीका हम कतई पसंद नहीं करते हैं। भारत के 30-35 करोड़ मुसलमान इसके खिलाफ हैं। सरकार कानून बना रही है लेकिन मुस्लिम समाज से बात तक नहीं कर रही है।
यूसीसी का विरोध पहले से ही किया जाता रहा है। अगर सरकार जबरदस्ती करेगी तो फिर इसके खिलाफ आंदोलन होगा। महाकुंभ की धर्म संसद पर कहा कि वो महाकुंभ में धर्म संसद कर रहे हैं, किसी मुसलमान ने इसका विरोध नहीं किया। वो मंदिरों में पूजा करते हैं, कोई विरोध नहीं करता है। सनातन बोर्ड भी बनाए किसी मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं है।
संयुक्त सचिव ने आगे कहा कि वफ्फ बोर्ड (Waqf Amendment Bill) से सरकार का क्या मतलब है। हमारी संपत्ति है, हम वक्फ को दे सकते हैं। मुसलमानों के खिलाफ एक अभियान चल रहा है। यूसीसी इसका एक हिस्सा है। यह देश के लिए अच्छा नहीं है। इसकी हम घोर निंदा करते हैं।
Updated on:
28 Jan 2025 09:12 am
Published on:
28 Jan 2025 09:11 am
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