
waqf amendment bill
Waqf Amendment Bill: संयुक्त संसदीय समिति ने सोमवार को वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को मंजूरी दे दी है। जेपीसी ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को स्वीकार कर लिया। जबकि विपक्षी सदस्यों द्वारा पेश किए गए हर बदलाव को अस्वीकर किया। विपक्षी सांसदों ने इस पर आपत्ति जताई है। जेपीसी की बैठक के बाद सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि बैठक में 44 संशोधनों पर चर्चा हुई। 6 महीने के दौरान विस्तृत चर्चा के बाद, हमने सभी सदस्यों से संशोधन मांगे। यह हमारी अंतिम बैठक थी। इसलिए बहुमत के आधार पर समिति द्वारा 14 संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया है। विपक्ष ने भी संशोधन के लिए सुझाव दिए थे। हमने उनमें से प्रत्येक संशोधन को आगे बढ़ाया और इसे वोट के लिए रखा गया, लेकिन उनके (सुझाए गए संशोधनों) के समर्थन में 10 वोट पड़े और विरोध में 16 वोट पड़े।
JPC की बैठक के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि आज उन्होंने वही किया जो उन्होंने तय किया था। उन्होंने हमें बोलने नहीं दिया। किसी भी नियम या प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। शुरू में हमने दस्तावेज और टिप्पणियां मांगी थीं। वे सभी चीजें हमें नहीं दी गईं। उन्होंने खंड दर खंड चर्चा शुरू कर दी।
टीएमसी सांसद ने आगे कहा कि हमने कहा था कि पहले चर्चा करते हैं। जगदंबिका पाल ने चर्चा ही नहीं होने दी। फिर वे संशोधन प्रस्ताव लेकर आए। हम सभी को संशोधन प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने खुद प्रस्ताव पेश किया, गिना और घोषणा की। सभी संशोधन पारित हो गए। हमारे संशोधन खारिज कर दिए गए और उनके संशोधन को अनुमति दे दी गई। यह एक दिखावा था। यह लोकतंत्र का काला दिन है। जगदंबिका पाल लोकतंत्र के सबसे बड़े ब्लैकलिस्टर हैं। वे एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है।
NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार 14 बदलावों को स्वीकार करने के लिए 29 जनवरी को मतदान होगा और अंतिम रिपोर्ट 31 जनवरी तक प्रस्तुत की जाएगी। समिति को मूल रूप से 29 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया था, लेकिन उस समय सीमा को बढ़ाकर 13 फरवरी कर दिया गया।
Published on:
27 Jan 2025 03:22 pm
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