
Murder
लखनऊ. लखनऊ में वकील शिशिर त्रिपाठी की पत्थर से कूच कर हत्या का मामला बुधवार को गरमा गया। हत्या के विरोध में वकीलों ने मार्च निकाला। पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया व मृतक के परिजनों को पचास लाख रुपए देने की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद एसोसिएशन के सदस्य शिशिर के शव को लेकर कोर्टरूम पहुंचे और नारेबाजी की। लखनऊ के इतिहास में पहली बार किसी के शव को कोर्टरूम में लाया गया। इस बीच जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने विवेकाधीन कोष से मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। मामले में राजनीति होते भी देर नहीं लगी। कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से लेकर समाजवादी पार्टी व प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर निशाना साधा। मामले के तूल पकड़ते देख एसएसपी लखनऊ ने लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर कृष्णा नगर प्रदीप सिंह को निलंबित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, लेकिन इसके तार सपा से भी जोड़कर देखे जा रहे हैं।
मंगलवार शाम को हुई थी हत्या
मामला कृष्णानगर थाना क्षेत्र के दामोदरनगर इलाके का है, जहां वकील शिशिर त्रिपाठी (32) की 5 लोगों ने मंगलवार रात ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया, वहीं बाकी आरोपी फरार हैं। शिशिर अपने पिता गोपी चंद्र व बड़े भाई शरद त्रिपाठी के साथ रहते थे। मृतक के बड़े भाई शरद त्रिपाठी ने बताया कि गांजा तस्कर मोनू तिवारी नामक युवक से छोटे भाई की रंजिश चल रही थी। जिसके चलते कई बार भाई को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। तीन साल से मोनू तिवारी तस्करी कर रहा था। बीते दिन बातचीत करने के लिए भाई से मिलने भी आया था। वहीं, मृतक के पिता ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे दो युवक बेटे को लेने घर आए। शिशिर उनके साथ चला गया फिर वापस नहीं लौटा। पड़ोस में रहने वाले एक ऑटो चालक व पुलिस ने घटना की जानकारी दी। परिजनों ने यह भी बताया कि इलाके के विनायक ठाकुर, मोनू तिवारी और मुस्तफा समेत पांच लोगों ने उनके बेटे को मारा दिया। आरोपी विनायक ठाकुर समाजवादी पार्टी का स्थानीय नेता बताया जा रहा है। चर्चा यह भी है कि सपा नेताओं की सरपरस्ती के चलते ही इलाके में कई अपराधिक वारदातों में भी इसका हाथ रहा है।
पुलिस का यह है कहना-
मामले में सीओ कृष्णानगर का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि मृतक की मोनू तिवारी नाम युवक से पुरानी रंजिश चल रही थी। बीते दिन वह मृतक से मिलने भी आया था। सभी पहलूओं की छानबीन कर जांच की जा रही है। वहीं हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गई हैं व 24 घंटे के भीतर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपित समेत दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सियासत गरमाई-
प्रियंका गांधी- प्रियंका ने मामले में ट्वीट कर कहा कि सोरांव के विजयशंकर तिवारी और शामली के अजय पाठक की हत्या के बाद अब लखनऊ में अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई। क्या प्रदेश पूरी तरह से अपराधियों के हाथ में है? भाजपा सरकार कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह फेल है। मैं इन सभी परिवारों की न्याय की लड़ाई में इनके साथ खड़ी हूं।
सपा - समाजवादी पार्टी ने ट्वीट किया और कहा कि लखनऊ में अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की पत्थर से कुचलकर निर्मम हत्या स्तब्ध कर देने वाली घटना है। कब तक न्याय दिलाने वाले ही बेखौफ अपराधियों के शिकार बनेंगे? कब तक सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी? शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना! उचित मुआवजा दे न्याय दिलाए सरकार।
पंखुड़ी पाठक- पूर्व सपा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने कहा कि ब्राह्मण वकील की लखनऊ में हत्या। अजय सिंह बिष्ट बताएँ कि हत्यारे विनायक ठाकुर किस ' सांप्रदाय' से है और प्रधानमंत्री बताए कि हत्यारे की कपड़ों सेकैसे पहचान हो!
Published on:
08 Jan 2020 06:08 pm
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