
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कराने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस बार एक और चरखा दांव खेल दिया है। जिसमें इंटर पास होने वाली लड़कियों को स्मार्ट फोन और स्कूटी देने की बात कही। प्रियंका गांधी के इस दांव पर यूपी की राजनीति में इस समय हलचल मची हुई है। वहीं विपक्ष अभी तक इस बात पर कुछ भी बोलने दूर भाग रहा है।
लड़की हूँ लड़ सकती हूँ, 40 % आरक्षण से शुरू किया चुनावी खेल
यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने दो दिन पहले ही “लड़की हूँ लड़ सकती हूँ” की घोषणा करके सबको चौंकाया। वहीं चुनावों में लड़कियों को 40 प्रतिशत का आरक्षण देकर बड़ा दांव खेल दिया। जिसके बाद से ही हर पार्टी बैकफुट पर है।
वहीं आज प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘लड़कियों को स्कूटी और स्मार्ट देने का ऐलान कर दिया”। प्रियंका गांधी ने पिछले 3 दिनों में किए मास्टर स्ट्रोक के बाद अब विपक्ष को फिर से अपनी रणनीति पर विचार करना पड़ रहा है।
प्रियंका गांधी के इस ऐलान के बाद काँग्रेस अध्यक्ष रहे राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके उनका समर्थन किया। राहुल गांधी ने कहा कि ‘हर महिला का सम्मान होना ही चाहिए। लड़कियों को हक़ की आवाज उठाने के लिए आगे आना होगा। मैं उनके साथ हूँ।
प्रियंका गांधी ने संभाल रखा है पार्टी का मोर्चा
प्रियंका गांधी ने कांग्रेस पार्टी का मोर्चा और तेजी से संभाल लिया है। उन्होंने आगरा से वापस आकार ट्वीट करते हुए लिखा कि, "कल मैं कुछ छात्राओं से मिली। उन्होंने बताया कि उन्हें पढ़ने व सुरक्षा के लिए स्मार्टफोन की जरूरत है। मुझे खुशी है कि घोषणा समिति की सहमति से आज कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि सरकार बनने पर इंटर पास लड़कियों को स्मार्टफोन और स्नातक लड़कियों को इलेक्ट्रानिक स्कूटी दी जाएगी।“
लखनऊ से आगरा जाते समय बुधवार को महिला पुलिसकर्मियों के साथ सेल्फी लेने और 1090 चौराहे के पास चोटिल छात्रा की मरहम पट्टी करने के बाद गुरुवार को प्रियंका गांधी वाड्रा ने बड़ा कदम बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत सीट महिलाओं को देने की घोषणा करने के बाद अब उन्होंने छात्राओं के लिए वादा किया है।
वहीं प्रियंका का कहना है कि 40 प्रतिशत महिला टिकट आरक्षण के फैसले से महिलाओं की राजनीति में और प्रदेश के विकास तेजी में से बदलाव आएगा। प्रियंका गांधी ने यूपी की करीब साढ़े तीन करोड़ महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। एक बार फिर उन्होंने स्मार्टफोन और स्कूटी से नए वोटरों को साधने का प्रयास किया है।
गांधी यूपी के मैदान में मेहनत कर रही है, लेकिन चुनावी जंग जीतने के लिए सबसे जरूरी होता है, ज़मीन पर संगठन की मौजदगी, जो कांग्रेस के पास नदारद है। शायद इसीलिए कांग्रेस औऱ टीम प्रियंका को एक्स फैक्टर की तलाश है, जो संगठन की इसी कमजोरी को दरकिनार कर उन्हें चुनावी मुकाबले में बढ़त दिला सके। इसी कारण ऐसे मुद्दे उछाल कर प्रियंका अन्य पार्टियों के लिए चुनौती बन रही हैं।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बतौर प्रभारी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी संभालने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने हर उस मुद्दे को थामने का प्रयास किया, जिसमें सरकार को घेरने की जरा भी गुंजाइश नजर आई। अन्य विपक्षी दलों की तुलना में उनकी सक्रियता खास तौर पर महिला उत्पीड़न से जुड़े उन्नाव दुष्कर्म कांड और हाथरस कांड में ज्यादा रही।
Updated on:
21 Oct 2021 02:29 pm
Published on:
21 Oct 2021 01:58 pm
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