
पंडित हरिशंकर तिवारी
जेल में रहकर चुनाव जीतने वाले पहले नेता बने
मामूली किसान परिवार से रहे पंडित हरिशंकर तिवारी का जीवन उथल-पुथल और उतार-चढ़ाव का रहा है। किसी के लिए वह जनसेवक रहे हैं, तो किसी के लिए मददगार, नेता और बाहुबली भी रहे हैं। एक समय यूपी और पूर्वांचल के बाहुबली नेता रहे पंडित हरिशंकर तिवारी ने जेल में रहते हुए 1985 में अपना चुनाव जीता था। यह चुनाव उन्होंने चिल्लूपार विधान सभा से लडक़र जीता था जो बाद में उनकी परंपरागतजेल में रहकर चुनाव जीतने वाले पहले नेता बने
मामूली किसान परिवार से रहे पंडित हरिशंकर तिवारी का जीवन उथल-पुथल और उतार-चढ़ाव का रहा है। किसी के लिए वह जनसेवक रहे हैं, तो किसी के लिए मददगार, नेता और बाहुबली भी रहे हैं।
एक समय यूपी और पूर्वांचल के बाहुबली नेता रहे पंडित हरिशंकर तिवारी ने जेल में रहते हुए 1985 में अपना चुनाव जीता था। यह चुनाव उन्होंने चिल्लूपार विधान सभा से लडक़र जीता था जो बाद में उनकी परंपरागत सीट बन गई और लगातार जीतते रहे थे। यूपी में जेल में रहकर चुनाव जीतने वाले पहले विधायक के तौर पर उनको जाना जाता है। गोरखपुर और आसपास के जिलों में अपनी धाक रखने वाले पंडित हरिशंकर तिवारी धीरे-धीरे पूरे यूपी के बाहुबली नेता के रुप में स्थापित हो गए और लगभग सभी दलों की जरुरत बनते गए। वह जगदंबिका पाल से लेकर कल्याण सिंह मंत्रीमंडत तक कैबिनेट मंत्री रहे। इतना ही नहीं, राजनाथ सिंह और भाजपा की रामप्रकाश गुप्ता सरकार में मंत्री रहे। मायावती और मुलायम की सरकारों में भी उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद प्राप्त किया।
सीट बन गई और लगातार जीतते रहे थे। यूपी में जेल में रहकर चुनाव जीतने वाले पहले विधायक के तौर पर उनको जाना जाता है। गोरखपुर और आसपास के जिलों में अपनी धाक रखने वाले पंडित हरिशंकर तिवारी धीरे-धीरे पूरे यूपी के बाहुबली नेता के रुप में स्थापित हो गए और लगभग सभी दलों की जरुरत बनते गए।
वह जगदंबिका पाल से लेकर कल्याण सिंह मंत्रीमंडत तक कैबिनेट मंत्री रहे। इतना ही नहीं, राजनाथ सिंह और भाजपा की रामप्रकाश गुप्ता सरकार में मंत्री रहे। मायावती और मुलायम की सरकारों में भी उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद प्राप्त किया।
पहली बार पत्रकार से हारे चुनाव
साल 2007 में पंडित हरिशंकर तिवारी पत्रकार राजेश तिवारी से चुनाव हार गए थे। उस समय मायावती की सरकार बनी थी। इसके बाद साल 2012 के अगले विधान सभा चुनाव में भी उनको हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद से एक तरह से उन्होंने राजनीति से संयास लेते हुए अपनी विरासत अपने बेटे विनय शंकर तिवारी को सौंप दी थी।
योगी सरकार में पुलिस पहुंंचने के अफवाह पर शहर हुआ बंद
योगी सरकार के दौरान अफवाह फैली की पंडित हरिशंकर तिवारी के निवास तिवारी हाता पर पुलिस उनको गिरफ्तार करने पहुंची है। यह सूचना गोरखपुर शहर में जंगल के आग की तरह फैल गई और लोगों ने अपनी दुकाने और प्रतिष्ठान बंद कर तिवारी हाता की तरफ रुख कर लिया। एक तरह से शहर में जनता कफ्र्यू जैसा माहौल हो गया। रास्ते जाम हो गए और वाहनों का आवागमन बंद हो गया था।
साल 2022 में भी फैली निधन की अफवाह
पिछले साल भी पंडित हरिशंकर तिवारी के निधन की अफवाह फैली थी। जिसके बाद उनके बेटे ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा था कि पिता जी पूरी तरह स्वस्थ हैं और ठीक है। जिसने भी अफवाह फैलाई है उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
Published on:
16 May 2023 09:32 pm
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