
अमेठी में राहुल-स्मृति की जंग का होगा आगाज, समर्थकों ने की तैयारी
लखनऊ/अमेठी. कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाला अमेठी जिला शुक्रवार को एक अहम सियासी जंग का गवाह बनेगा। एत तररफ तीन प्रदेशों में जीत के बाद आत्मविश्वास से लबरेज राहुल तो दूसरी तरफ अपने शब्दों के बाण से उन्हें घेरने की तैयारी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी। दोनों ही नेता शुक्रवार को अमेठी में होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने लोकसभा क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं तो वहीं स्मृति ईरानी आवासीय विद्यालय की आधारशिला रखेंगी और कुछ अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्स लेंगे।
गर्म हुई सियासत
दोनों नेताओं का एक ही दिन आने से अमेठी की सियासत गर्म हो गई है। इसका कारण है कि पिछले लोकसभा चुनाव में दोनों का सामना हुआ था और इस बार भी दोनों के बीच ही अमेठी लोकसभा सीट का मुकाबला होने की उम्मीद है। ऐसे में दोनों का ये दौरा कई मायनों में अहम है। इस दौरान दोनों नेता अपनी ताकत दिखाएंगे। पिछले एक महीने के भीतर स्मृति का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह अमेठी को 77 करोड़ योजनाओं की सौगात दे चुकी हैं और उन्होंने यहां नवोदय विद्यालय में रोजगार मेले का शुभारंभ भी किया था।
ये है दोनों का कार्यक्रम
वहीं अमेठी सांसद राहुल गांधी के प्रतिनिधि चंद्रकांत दुबे ने बताया कि राहुल चार जनवरी को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचेंगे। वह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे पर पहुंचेगे जहां प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर समेत यूपी कांग्रेस के तमाम नेता उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वह सड़क मार्ग से अमेठी पहुंचेंगे जहां वह विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अमेठी में राघवराम सेवा संस्थान द्वारा चार जनवरी को कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बनाया गया है। इस दौरान वह आवासीय विद्यालय की आधारशिला रखेंगी और अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी।
कांग्रेस को गढ़ में घेरने की तैयारी
बता दें भाजपा लगातार अमेठी पर फोकस किए हुए है। अभी बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी अमेठी में एक जनसभा की थी। स्मृति ईरानी भी लगातार यहां सक्रिय रहती हैं। वहीं रायबरेली में भी भाजपा सक्रिय हो गई है। वहां पर दिनेश सिंह को बीजेपी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर उतार सकती है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने भी रायबरेली दौरा किया था।
राहुल के सामने यूपी में संगठन को खड़ा करने की चुनौती
भले ही कांग्रेस को राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में जीत मिल गई हो लेकिन यूपी में संगठन अभी भी कमजोर है। इस बात का अहसास पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को भी है। इसी कारण वह जल्द ही प्रदेश संगठन में कई अहम बदलाव कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो युवा नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष व प्रभारी को लेकर भी राहुल जल्द फैसला करेंगे।
Published on:
3 Jan 2019, 3:16 PM IST
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