29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गांव, गली और गलियारों पर चाय नहीं चने पर चर्चा करेंगे राहुल

कांग्रेस यूपी के खेत खलिहानों और गांव की चौपालों पर चाय नहीं अब चने पर चर्चा कराने की रणनीति तैयार कर रही है। यूपी चुनाव में कांग्रेस करो या मरो नारे के साथ जाएगी जनता के बीच।

2 min read
Google source verification

image

Raghvendra Pratap

Apr 27, 2016

rahul chana

rahul chana

लखनऊ. यूपी में सदन से लेकर सड़क तक चौथे पायदान पर खड़ी कांग्रेस जो 2014 के लोकसभा चुनाव में दो सीटों पर सिमट गई थी। वह 2017 के चुनाव में अपने नुकसान की भरपाई के लिए करो या मरो की तर्ज पर चुनाव मैदान में आ रही है। कांग्रेस से जो खबर आ रही है उसके अनुसार पीके ने सुझाव दिया है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जिस तरह मोदी की चाय पर चर्चा करा कर बहुमत के जादुई आंकड़े को पार किया था, उसी तर्ज पर कांग्रेस भी अब चने पर चर्चा करके लोगों के बीच पहुंचकर अपनी बात पहुंचाए।

वापसी के लिए हर फार्मूला अपना रही कांग्रेस
कांग्रेस के राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर (पीके) की रणनीति के अलावा पार्टी अपने स्तर पर भी वह हर फॉर्मूला अपनाएगी जिससे पार्टी के पुराने दिनों की वापसी होगी। जानकारों की मानें तो भाजपा की तर्ज पर जल्द ही कांग्रेस में संगठन में व्यापक फेरबदल किया जा सकता है।

2017 का प्रदर्शन तय करेगा 2019 का भविष्य
कांग्रेस के जानकारों का कहना है कि 2017 के विधानसभा चुनावों के बेहतर प्रदर्शन से ही 2019 की जमीन तैयार हो सकेगी। इसलिए 2017 में सबसे बेहतर प्रदर्शन की खातिर कांग्रेस हर तरह के चने चबाने को तैयार है। हालांकि कांग्रेस के नेतृत्व ने सारा दारोमदार रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर छोड़ दिया है। लेकिन प्रशांत किशोर का विरोध राहुल गांधी की कर्मभूमि अमेठी के अलावा पार्टी के दो सीनियर लीडरों ने कर दिया है।

कांग्रेसियों को हवाहवाई लग रही पीके की रणनीति
कांग्रेसियों को अभी तक पीके की रणनीति हवाहवाई लग रही है। पिछले दिनों पीके ने लखनऊ में दो दिनों तक पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं से संवाद किया लेकिन उसके सार्थक परिणाम सामने नहीं आए। अब पीके लोगों का कांग्रेस के प्रति क्या रुख है यह जानने के लिए आठ टीमें बनाकर तीन मंडलों का दौरा कर रहे हैं। लोग पीके के अब तक के प्रयोगों को लेकर अभी से यह कहने लगे हैं कि बिहार और यूपी की राजनैतिक पृष्ठभूमि में काफी अंतर है यहां उनका फार्मूला काम नहीं करेगा।

राहुल सोशल मीडिया पर चने पर चर्चा करते हुए दिखेंगे
इन सब चिंताओं से मुक्त कांग्रेस के रणनीतिकार पीके बदली राजनीतिक परिस्थितियों में राहुल गांधी को सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचने के लिए जो रणनीति बनाई है। उसके मुताबिक राहुल गांधी लोगों के बीच चने पर चर्चा पर केन्द्र और प्रदेश सरकारों के बारे में जानेेंगे और कांग्रेस की सरकार बनने पर क्या करेंगे, यह भी बताएंगे।

गांव, गली और गलियारों में होगी चने पर चर्चा
यूपी में कांग्रेस पिछले ढाई दशकों से राजनीति वनवास भुगत रही है। इस वनवास को खत्म करने के लिए कांग्रेस कुछ भी और किसी भी हदतक जाने को तैयार है। इसी गरज से कांग्रेस के रणनीतिकार गांव गली से लेकर गलियारे तक में चने पर चर्चा के लिए चौपालें आयोजित करने की रणनीति बना रहे हैं।

चने पर ही चर्चा क्यों ?
अनाजों में चना ही एकमात्र ऐसा अनाज है जो खेतों में निकलने से लेकर पकने तक खाया जाता है। चना ही ऐसा अनाज है जिसे हर तबके में उपयोग में लाया जाता है। यहीं नहीं चना आम आवाम से लेकर फिल्म के रुपहले पर्दे तक और सियासी दलों के नारों में खूब फलाफूला है। इन प्रयोगों को देखते हुए कांग्रेस ने चने पर चर्चा कराने की रणनीति तैयार की है।

ये भी पढ़ें

image