लखनऊ. यूपी में सदन से लेकर सड़क तक चौथे पायदान पर खड़ी कांग्रेस जो 2014 के लोकसभा चुनाव में दो सीटों पर सिमट गई थी। वह 2017 के चुनाव में अपने नुकसान की भरपाई के लिए करो या मरो की तर्ज पर चुनाव मैदान में आ रही है। कांग्रेस से जो खबर आ रही है उसके अनुसार पीके ने सुझाव दिया है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जिस तरह मोदी की चाय पर चर्चा करा कर बहुमत के जादुई आंकड़े को पार किया था, उसी तर्ज पर कांग्रेस भी अब चने पर चर्चा करके लोगों के बीच पहुंचकर अपनी बात पहुंचाए।