28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नहीं रहे समाजसेवी भैया जी, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

भैया जी को तबीयत खराब होने के बाद उनको सिविल अस्पताल के ICU में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Nitin Srivastva

Sep 29, 2017

Rajendra Nath Shrivastav Bhaiya ji passed away lucknow UP India Hindi

नहीं रहे समाजसेवी भैया जी, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

लखनऊ. वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव 'भैया जी' की गुरुवार देर रात मौत हो गई। भैया जी 87 साल के थे। उनका जन्म 16 नवंबर 1930 को उत्तर प्रदेश के जिले बदायूं में हुआ था। भैया जी को सितंबर के पहले हफ्ते में अचानक तबीयत खराब होने के बाद उनको सिविल अस्पताल के ICU में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। राजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। गुरुवार देर रात अस्पताल प्रशासन ने भैया जी की मौत की पुष्टि की। आपको बता दें कि बीते दिनों राज्यपाल राम नाईक भी भैया जी की हाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे थे। इससे पहले भी कई राजनीतिक दलों के लोग और समाजिक लोग भी उन्हों देखने अस्पताल पहुंचे थे।

अटल बिहारी बाजपेई के थे करीबी

भैया जी के परिवारीजनों ने बताया कि वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के करीबी थे और इसी वजह से बीजेपी से जुड़े थे। इसस पहले वे लखनऊ में 1959 से 1990 तक पार्षद भी रहे। वे साल 1955 में तत्कालीन राज्यपाल केएम मुंशी की प्रेरणा से लुइसफिशर के संपर्क में आए। भैया जी का साक्षरता निकेतन की स्थापना कराने में भी बड़ा योगदान रहा है। भैयाजी बचपन से ही समाजसेवा मे लग गए थे। आजादी की लड़ाइयों में भी उन्होंने भाग लिया लेकिन कभी कोई दावा पेश नहीं किया। भैया जी पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कई संस्थाओं से जुड़े रहे। आपको बता दें कि भैया जी ने पूरी जिंदगी शादी नहीं की।

मिले कई सम्मान

जब साल 1959 में लखनऊ नगर पालिका बनी तो राजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव (भैया जी) सबसे पहले सभासद बने। साल 1990 में भैया जी नरही वार्ड से पार्षद भी रहे। समाजसेवा के क्षेत्र में भैया जी को 200 से ज्यादा सम्मान मिले। भैया जी मदर टेरेसा की संस्था से भी जुड़े रहे।संस्था के कार्यालय को जमीन दिलवाने में भी भैया जी ने काफी सहयोग किया था।