
लखनऊ. आज विधानसभा सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता राम गोविंद चौधरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसके चलते सदन की कार्यवाही के बीच से ही राम गोविंद को सिविल अस्पताल ले जाया गया। आपको बता दें कि यूपी विधानमंडल के पहले पूर्ण बजट सत्र के सातवें दिन आज नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी की तबीयत खराब हो गई। इसके चलते विधानसभा की कार्यवाही आधे घंटे के लिए रोक दी गई। विधान भवन के अंदर से उनको एक दर्जन विधायकों ने स्ट्रेचर पर लादकर एंबुलेंस में पहुंचाया। सूत्रों के मानें तो अचानक से समाजवादी पार्टी के नेता राम गोविंद चौधरी को पसीना आने लगा और घबराहट होने लगी, जिसके चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई।
सिविल अस्पताल ले जाते समय उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी पहुंचे थे। और साथ ही पार्टी के तमाम विधायक और एमएलसी का जमावड़ा भी सिविल अस्पताल में देखा गया था। खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनका हाल-चाल लेने सिविल अस्पताल आ सकते हैं। फिलहाल डॉक्टर उनपर नजर बनाए हुए हैं, इसी के चलते उन्हें सिविल अस्पताल में रेफर किया गया है।
समाजवादी पार्टी के विधायक राम गोविंद चौधरी को अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया था। अखिलेश यादव ने आजम खान और शिवपाल यादव की अनदेखी करते हुए विपक्षा का नेता नियुक्त किया था। 1977 में पहली बार चिलकहर विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। मौजूदा में बलिया जिले के बंसदीह सीट से जीतकर आए हैं। जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर के साथ इनके पास काम करने का अनुभव है। आपात काल में राम गोविंद चौधरी 1977 में जेल भी गए थे।