4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रमेश पांडे बने दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर

देश के जाने माने वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट हैं आईएफएस पांडे।  

2 min read
Google source verification
Ramesh Pandey was appointed

रमेश पांडे बने दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर

लखनऊ. भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के तेज तरार्र अधिकारी और देश के जाने माने वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रमेश कुमाऱ पांडे को उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क का फील्ड डायरेक्टर बनाया गया है। पांडे ने दुधवा में पदभार ग्रहण कर लिया है। पांडेय की पहचान एक तेजतर्रार अफसर के तौर पर है। उन्होंने पीलीभीत सहित कई जगहों पर प्रमुख से कार्य करते हुए कई नए टास्क को चैलेंज के साथ किया है। भारत में टाइगर के शिकार का पहला संगठित संसारचंद गिरोह का पर्दाफाश रमेश पांडे ने सीबीआई के साथ मिल कर किया था। उन्हें 2001 में टाइगर व वन्य जीव संरक्षण के लिए डब्लूडब्लूएफ ने सम्मानित किया था। वर्ष 2010 में उन्हें दोहा, कतर में प्रतिष्ठित क्लार्क आर बॉविन सम्मान दिया गया था।

प्रमुख स्थान दिलाने में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही थी

कतरानियाघाट और चूका, पीलीभीत को दुनिया के ईको पर्यटन के मैप पर लाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले रमेश पांडे के प्रयासों के चलते पीलीभीत को देश का 45 वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। देश के वन्य जीव अभ्यारणों में कतरानियाघाट टाइगर रिजर्व को प्रमुख स्थान दिलाने में भी उनकी प्रमुख भूमिका रही थी।

कतर में प्रतिष्ठित क्लार्क आर बॉविन सम्मान दिया गया था

दुधवा से पहले रमेश पांडे आगरा प्रभाग में तैनात रहे थे, जहां उन्होंने जंगल के रास्ते हो रही खनिजों की तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण काम किया था। वन्य जीवन के क्षेत्र में दिए जाने वाले विश्व के प्रतिष्ठत पुरस्कारों से सम्मानित रमेश पांडे को दो बार लगातार 2001 व 2002 में उत्तर प्रदेश सरकार ने वन संरंक्षण और आपरेशन ग्रीन के लिए अवार्ड दिया था। भारत में टाइगर के शिकार का पहला संगठित संसारचंद गिरोह का पर्दाफाश रमेश पांडे ने सीबीआई के साथ मिल कर किया था। उन्हें 2001 में टाइगर व वन्य जीव संरक्षण के लिए डब्लूडब्लूएफ ने सम्मानित किया था। वर्ष 2010 में उन्हें दोहा, कतर में प्रतिष्ठित क्लार्क आर बॉविन सम्मान दिया गया था।

Story Loader