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मोहनलालगंज रेप केस: ..तो सालों बाद मिली रेप पीड़िता की आत्मा को शांति!

जघन्य कांड में आज दोषी को आजीवन कारावास और 13 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई है।

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Ruchi Sharma

Jan 07, 2017

ramsevak

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लखनऊ.
राजधानी के मोहनलालगंज में 2014 में बलसिंहखेड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में युवती से रेप की कोशिश में असफल होने पर बेहरमी से हत्या करने वाले आरोपी रामसेवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास और 13 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाया है।

मोहनलालगंज के गांव बलसिंह खेड़ा के प्राथमिक विद्यालय में 17 जुलाई 2014 एक महिला की नग्न लाश मिली थी। लाश के आस-पास जमीन पर बिखरा खून हैवानियत की सारी हदों को तोड़ने की गवाही दे रहा था। साफ लग रहा था कि महिला ने मरने से पहले एक से ज्यादा लोगों के साथ मुकाबला जरूर किया होगा, लेकिन वह अकेले दरिंदों से कब तक मुकाबला करती। दरिंदों ने जिस बेरहमी से महिला के साथ गैंग रेप के बाद कत्ल किया, पुलिस की संवेदनहीनता उससे कम बेरहम नहीं रही।

अपने कातिलों से जूझने वाली बहादुर महिला के पार्थिव शरीर पर दो गज कपड़ा डालने की जगह कई जिम्मेदार लोग मोबाइल से उसकी तस्वीर खींचने में जुटे थे। गांव के चौकीदार नोखेलाल की तरफ से मोहनलालगंज कोतवाली में युवती की रेप के बाद हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अधिकारियों का कहना था कि वारदात में चार-पांच बदमाश शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने बलसिंहखेड़ा गांव में ही रहने वाले व एक कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड रामसेवक यादव को गिरफ्तार कर वारदात के खुलासे का दावा किया था।



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