
Rape Case
लखनऊ.यूपी के माथे पर एक बार फिर से बदनुमा दाग लग गया. महिला सुरक्षा के दावे इस बार उस वक्त हवा हो गए जब दो लड़कियों ने बलात्कार से बचने के लिए खुद की जान ही जोखिम में डाल दी. दो लड़कियां खुद के पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं. नौकरी करना चाहती थीं. मगर उन्होंने ऐसा जोखिम लिया की पैर गंवाने की नौबत आ गई.
मामला लखनऊ के आशियाना इलाके का है. दो लड़कियों को हरदोई के पूर्व जिला पंचायत सदस्य मिथिलेश राजपूत और उनके दो साथियों ने नौकरी का झांसा देकर एक मकान में बुलाया। लड़कियों के पहुंचते ही तीनों लोगों ने उनके साथ रेप की कोशिश की.
रेप से बचने के लिए दोनों लड़कियां उस मकान से पडोसी के छत पर कूद गईं. इस दौरान दोनों लड़कियां बुरी तरह से घायल हो गईं. दोनों को लोक बंधु हॉस्पिटल इन गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया. युवती के चाचा की तहरीर पर मिथिलेश राजपूत और उनके दो साथियों के खिलाफ थाने में दर्ज किया गया.
मीरजापुर और हरदोई में रहने वाली दोनों लड़कियों ने लखनऊ से पॉलीटेकनिक किया है. दोनों आरोपी मिथिलेश की बेटी के संग पढाई कर रही थीं. लखनऊ में नौकरी की तलाश में जुटी हुई थीं. यह देख सहेली की पिता मिथिलेश ने कहा की वह दोनों को नौकरी दिलवा सकते हैं. नौकरी के लिए संघर्ष कर रही लड़कियों को उन्होंने 29 अगस्त को चररबाग मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान वह दोनों को टहलाता रहा. इसके बाद फिर से 30 अगस्त को बुलाया। युवतियों के पास रुकने का ठीकाना नहीं था तो उसने दोनों लड़कियों को रूचि खंड के मकान में आकर रुकने को कहा. जब लड़कियां वहां पहुंची तो मिथिलेश ने अपने दो साथियों के साथ अश्लील हरकत करना शुरू कर दिया। लड़कियां उसके गलत इरादों को समझ चुकी थीं और अपनी इज्जत बचाने के लिए दोनों छत से पडोसी के घर की छत पर कूद गईं. पड़ोसियों ने पुलिस को खबर दी और फिर दोनों लड़कियों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है.
Published on:
03 Sept 2016 08:37 am
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