
पिछले दो सालों में इतने गुना बढ़ गई नकली नोटों की संख्या, नोटबंदी के बाद इस खुलासे ने मचाया हड़कंप
लखनऊ. नोटबंदी (Demonetisation) जैसे मजबूत सुरक्षा उपायों के बाद भी देश में बीते दो साल में नकली नोटों की संख्या बढ़कर 10 गुना से ज्यादा हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (Resreve Bank Of India) की तरफ से 2017-18 और 2018-19 में नकली नोटों संख्या जारी की गई है, जिसमें इसका खुलासा हुआ है। नोटबंदी के बाद 2016-17 से लेकर 2018-19 के बीच भारतीय मुद्रा (Indian Currency) का रूप पूरी तरह से बदल दिया गया है। फिर भी नकली नोटों (Fake Notes) की संख्या में हर साल लगातार इजाफा होता रहा है।
10, 20 रुपए के भी नकली नोट (10 Rupees 20 Rupees Fake note)
भारतीय रिजर्व बैंक (Resreve Bank Of India) के लखनऊ रीजन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में जो चौंकाने वाली बात है उसके मुताबिक 10, 20 और 50 के नोट भी नकली (Fake Currency) आने लगे हैं और इनकी संख्या बढ़ रही है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट की मानें तो केवल एक साल में 10, 20, और 50 रुपये में पाए गए जाली नोटों में क्रमश 20.2, 87.2 और 57.3% की बढ़ोतरी हो गई। जबकि दो साल पीछे जाएं तो छोटी करेंसी में नकली नोटों की संख्या चार गुना तक बढ़ गई।
ज्यादा नकली 100 के नोट (100 Rupees Fake Note)
साल 2017 में बैंकों ने 50 रुपये के 9222 नोट नकली पकड़े थे। साल 2019 में ये संख्या 36875 हो गई। 100 रुपये के जाली नोटों में 7.5% की कमी आई है। इस कमी के बाद भी एक साल में 2.20 लाख नकली नोट सौ के ही पकड़े गए। इससे साफ है कि बाजार में सबसे ज्यादा 100 रुपये के नकली नोट घूम रहे हैं।
160 गुना का ज्यादा हुए 200 रुपये के नकली नोट (200 Rupees Fake Note)
साल 2018 में 200 रुपये (200 Rupees Note) के 79 जाली नोट पकड़े गए थे, जबकि इस साल इनकी संख्या 12,728 हो गई। यानी एक साल में 200 रुपये की नकली करेंसी में 160 गुना बढ़ोत्तरी हुई।
500 रुपये के नोटों में 121 फीसदी का इजाफा (500 Rupees Fake Note)
एक साल में 500 के नकली नोटों में 121% की बढ़ोतरी हुई है। 2016-17 में 500 के जाली नोट केवल 199 मिले थे। 2018-19 में यह संख्या 22 हजार पहुंच गई।
22 फीसदी बढ़े दो हजार के जाली नोट (2000 Rupees Fake Note)
पिछले दो सालों में दो हजार रुपये के जाली नोटों की संख्या में भी 22 फीसदी का इजाफा हुआ।
तलाश रहे नोटों की नकल के तरीके
आरबीआई लखनऊ रीजन ऑफिस (RBI Lucknow Region Office) के अधिकारियों के मुताबिक करंसी जालसाज 200, 500 और 2000 रुपये के नए नोटों की नकल के तरीके तलाश रहे हैं। रिजर्व बैंक के डेटा (Reserve Bank Data) के मुताबिक, इनके डुप्लिकेशन के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद इन्हें जारी किया था।
Published on:
13 Sept 2019 10:18 am

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