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सरकार चाहती है 50 की उम्र में Reteirment, लेकिन यहां तो बह रही है उलटी गंगा

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सरकारी विभागों में 50 साल से ज्यादा के अफसरों और कर्मचारियों की कार्य कुशलता की समीक्षा की थी।

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Dikshant Sharma

Jul 09, 2017

retirement

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लखनऊ।
सूबे के मुखिया Yogi Adityanath ने सरकारी विभागों में 50 साल से ज्यादा के अफसरों और कर्मचारियों की कार्य कुशलता की समीक्षा की थी। जिसके बाद सीएम ने बढ़ती उम्र के साथ कार्य कुशलता में कमी होने पर जबरन Retire किए जाने का Order जारी कर दिया। लेकिन वास्तिविकता इसके उलट है। Government Department में हालात यह हैं कि विभागों में Retirement (60 वर्ष) के बाद भी कर्मचारी, बाबू व इंजीनियर कुर्सी से चिपके हैं। कुर्सी का मोह रिटायर बाबू और अधिकारी नहीं छोड़ पा रहे हैं। जुगाड़ के सहारे रिटायरमेंट के बाद भी कर्मी जनता का उत्पीडऩ कर रहे हैं। जबकि सरकार और विभाग दोनों की छवि धूमिल हो रही है। प्रदेश भर के Nagar Nigam और Vikas Pradhikaran में ऐसे कर्मचारियों की संख्या अधिक है।


मलाईदार पदों पर जमे हैं रिटायर्ड कर्मचारी

इन विभागों में कई साल पहले Retire होने के बावजूद अपने पदों पर कर्मी काम कर रहे हैं। ख़ास बात ये है कि ये कर्मचारी ऐसी कुर्सियों पर हैं जो मोटी कमाई का बड़ा जरिया हैं। जाहिर है आठ से दस घंटे काम करने वाले ये बाबू शाम को जेब भरते हैं और साहबों को भी खुश रखते है। इन पर कोई आरोप लगे तो कार्रवाई भी नहीं होगी क्योंकि लिखा पढ़ी में वे कुर्सी पर हैं हीं नहीं। जुगाड़ की राजनीति के सहारे रिटायर की उम्र के बाद भी ड्यूटी बजा रहे हैं। सरकारी विभाग में Samvida पर भर्ती व्यवस्था नहीं है। आला अफसर कर्मचारियों की कमी होने के बाबत रखे जाने का हवाला देते हैं। जबकि बाहरी एजेंसियों के जरिए सरकारी विभागों में अपनों और Retired Employees के रखे जाने का गोरखधंधा चल रहा है।


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Lucknow Nagar Nigam
में। यहां Accounting Department जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सहायक लेखाकार जैसे अहम पद पर Retired Clerk तैनात है। यही नहीं संपत्ति समिति और Tax Department जैसे अहम विभागों में भी रिटायर कर्मियों की दोबारा से तैनाती दे दी गई। सहायक लेखाकार शत्रुध्न, समिति विभाग में अनूप श्रीवास्तव, संपत्ति विभाग में सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, स्वास्थ्य विभाग में मन्नी लाल, कर विभाग में राम लखन कुशवाहा, छेदी लाल पटेल, श्रवण पांडेय, हरि शंकर, जगदीश यादव कई साल पहले रिटायर हो चुके हैं। इसके बाद भी वे अपने पदों पर बने हुए हैं। हाल ही में नगर अभियंता के पद से रिटायर हुए मलय कुमार धर भी फिर से ड्यूटी बजा रहे हैं।


बगैर वेतन के कैसे कर रहे हैं काम ?

जानकारी के अनुसार इन रिटायर्ड बाबुओं को आठ से दस घंटे काम करने का विभाग की तरफ से कोई वेतन नहीं दिया जाता है। रिटायरमेंट के बाद इन्हें संविदा पर भी नहीं रखा गया है। सिर्फ अफसरों की मेहरबानी पर नौकरी कर रहे हैं। इनकी कार्यशैली खुद संदेह के घेरे में है कि बगैर वेतन के विभाग में कैसे काम कर रहे हैं।


ऐसे हो रहा है खेल
Nagar Nigam में रिटायर बाबूओं को रखे जाने का गोरखधंधा यही पर तैनात कर्मचारी की ओर से चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि Live Security Guard के नाम से एजेंसी चल रहा एक कर्मचारी नगर निगम में Man Power Supply करता है। जब किसी रिटायर अथवा अपनों को नौकरी पर रखना होता है तो इसी एजेंसी के जरिए आला अफसरों के सहारे आदेश जारी करवा लिया जाता है। निगम में सफाई कर्मचारी और उद्यान विभाग में भी कागज पर कर्मचारी वेतन उठा रहे हैं। जांच में यह साफ होगा कि कई नेताओं, अफसरों, इंजीनियरों और कर्मचारियों के सगे संबंधी भी यहां पर जुगाड़ के सहारे नौकरी कर रहे हैं।


क्या कहते हैं अधिकारी

नगर आयुक्त Uday Raj Singh ने कहा कि राजस्व निरीक्षक बड़ी संख्या में आए हैं। इसके बाद कर विभाग में काम कर रहे रिटायर निरीक्षक व बाबू हटेंगे। दूसरे विभागों में अनुभवी न होने के चलते रिटायरमेंट से काम लिया जा रहा हैं। इसकी भी समीक्षा की जाएगी।

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